धान की नर्सरी में लौटी हरियाली, खेतों में गूंजने लगी ट्रैक्टरों की आवाज
लोहरैया। पिछले दिनों हुई बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। बारिश के बाद क्षेत्र के किसान खरीफ फसलों की तैयारी में जुट गए हैं। जहां एक ओर किसान धान की नर्सरी डाल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर खेतों की जोताई कराकर आगामी फसल के लिए भूमि तैयार कर रहे हैं। क्षेत्र में इन दिनों खेत में ट्रैक्टरों की गड़गड़ाहट और नर्सरी की हरियाली यह संकेत दे रही है कि किसान खरीफ सीजन के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
किसानों का कहना है कि बारिश के कारण खेतों में उगे खरपतवार मिट्टी और पानी के साथ मिलकर सड़ जाएंगे। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसल उत्पादन में लाभ मिलेगा। कई किसानों ने पहले ही धान की नर्सरी डाल दी थी। बारिश के बाद उनकी नर्सरियां हरी-भरी हो गई हैं। इससे किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। क्षेत्र के बारीडीहा निवासी राम प्रवेश, विजय कुमार आदि ने बताया कि बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है।अब धान की नर्सरी तेजी से बढ़ रही है और खरीफ की खेती के लिए माहौल अनुकूल हो गया है।
मनिकापार के रामकेश ने कहा कि यह बारिश किसानों के लिए बेहद लाभकारी रही है। खेतों की जुताई का कार्य तेज हो गया है और समय से फसल की तैयारी पूरी होने की उम्मीद है। खर्रा के नागेंद्र पाल ने बताया कि किसान तेजी से धान की नर्सरी डाल रहे हैं। यदि मौसम का साथ मिलता रहा तो नर्सरी समय से तैयार हो जाएगी और धान की रोपाई भी निर्धारित समय पर पूरी कर ली जाएगी।
कृषि विशेषज्ञ महेश का मानना है कि समय पर हुई यह बारिश खरीफ फसलों के लिए शुभ संकेत है। इससे किसानों की लागत कम होगी तथा फसल उत्पादन बेहतर होने की संभावना बढ़ गई है।