-देरी से चली कई ट्रेनें, सड़क मार्ग पर भी वाहनों की आवाजाही रही प्रभावित
-न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की हुई बढ़ोतरी, ठंड और गलन बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। शुक्रवार की सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा। इसके कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। कई ट्रेनें देरी से चलीं, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी, जबकि सड़क मार्ग पर भी वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहनों की लाइट जलाकर वाहन चालक चलने के लिए मजबूर हुए। हालांकि 10 बजे के बाद कोहरा छट गया और धूप निकल आई। इससे लोगों को ठंड से राहत मिली, लेकिन शाम होते ही फिर ठंड और गलन का असर दिखाई देने लगा।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार को जहां न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस था, वहीं शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। वैसे शुक्रवार को सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण डाउन वैशाली एक्सप्रेस पांच घंटे देर से खलीलाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंची, जबकि गोरखधाम डाउन एक्सप्रेस आठ घंटे देरी से पहुंची।
इसके साथ ही राप्ती सागर डाउन एक्सप्रेस भी छह घंटे देरी से खलीलाबाद पहुंची। आम्रपाली अप एक्सप्रेस दो घंटे देरी से चली। इसके चलते रेल यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरी तरफ हाईवे सहित खलीलाबाद मेंहदावल मार्ग और खलीलाबाद धनघटा मार्ग पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन रेंगते हुए चले। लखनऊ से आने वाले यात्री दिनेश कुमार, महेंद्र त्रिपाठी आदि ने बताया कि लखनऊ से आने से आठ घंटे लग गए, जबकि सामान्य स्थिति में पांच घंटे लगते हैं। सुबह के समय कोहरे और ठंड के चलते लोग देर से घरों से बाहर निकले। 10 बजे के बाद धूप निकली तो लोगों को राहत मिली और शहर व कस्बे में चहल- पहल बढ़ गई। लोग रोजमर्रा के जरूरी सामानों की खरीदारी करते नजर आए।
शाम होने पर फिर ठंड और कोहरे का असर दिखा, जिससे लोग जल्दी ही घर चले गए। जो लोग शहर में रहे वह लोग अलाव के सहारे हो गए। नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने बताया कि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव की व्यवस्था की गई है।
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कोहरे और ठंड से अभी राहत मिलने की संभावना नहीं है। दिन में धूप निकलेगी, जिससे थोड़ी राहत जरूर मिलेगी। लोगों को अभी सतर्कता बरतने की जरूरत है। कोहरे से फसलों के विकास में तेजी आने की संभावना है।
-अमरनाथ मिश्र, मौसम वैज्ञानिक, कुमारगंज, अयोध्या