संतकबीरनगर। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट ने कुकर्म का प्रयास करने के दोषी लाल बहादुर को पांच वर्ष सश्रम कारावास व 55 सौ रुपये अर्थ दंड लगाया है। नालसा स्कीम के तहत पीड़ित बालक को बीस हजार रुपया प्रतिकर भी देने का आदेश दिया है। अपशब्द, जानमाल की धमकी तथा एससीएसटी एक्ट में दोषमुक्त कर दिया।
पीड़ित बालक के पिता ने थाना बेलहर कला में प्रार्थना पत्र दिया कि 13 अप्रैल 2020 को तीन बजे उनका लड़का गांव के बगल में खेत में गया था। उसी समय उसके बगल के गांव का रहने वाले आरोपी ने उसके दस वर्षीय पुत्र के साथ कुकर्म करने का प्रयास किया और मारा पीटा। जातिसूचक शब्द कहते हुए घर पर बताने पर जानमाल की धमकी दी। आरोपी के खिलाफ थाना बेलहर कला में केस दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना के उपरांत साक्ष्य के आधार पर आरोपी के खिलाफ अपशब्द कहते हुए मारपीट कर जान से मारने की धमकी व अप्राकृतिक दुष्कर्म के प्रयास पाक्सो एक्ट के साथ ही एससीएसटी एक्ट में आरोप पत्र 23 अप्रैल 2020 को न्यायालय में प्रेषित किया।
अपर सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कृष्ण कुमार पंचम की कोर्ट में आरोपी ने आरोप से इन्कार किया और विचारण की मांग की। पीड़ित बालक ने कहा कि आरोपी ने जंगल में ले जाकर मारपीट कर गलत काम करने का प्रयास किया। घटना के उसकी उम्र नौ वर्ष थी। कोर्ट ने उपलब्ध प्रपत्रों तथा मामले की गंभीरता व पक्षों की बहस सुनने के उपरांत दोषी पाए जाने पर पांच वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 5500 रुपये अर्थ दंड से दंडित किया।