मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए स्थापित होगी यूनिट
शासन ने संतकबीरनगर सहित 18 जनपदों के लिए आवंटित किया बजट
साढ़े सात लाख रुपये होंगे खर्च, तीन लाख मिलेगा अनुदान
उदयभान त्रिपाठी
संतकबीरनगर। मछली पालन में भी रोजगार के अवसर खोजने वालों के लिए अच्छी खबर है। संतकबीरनगर समेत प्रदेश के 18 जनपदों में शासन की तरफ फिश सीड रियरिंग यूनिट(मछली बीज उत्पादन केंद्र) स्थापित होगा। प्रत्येक यूनिट की स्थापना पर साढ़े सात लाख रुपये खर्च होंगे। जिनमें से तीन लाख रुपये सरकार की तरफ से अनुदान मिलेगा। रियरिंग यूनिट की स्थापना के लिए मत्स्य पालकों को ही अवसर दिया जाएगा।
संतकबीरनगर जिले में करीब 800 तालाबों में मछली पालन का कारोबार होता है। इस रोजगार से प्रत्यक्ष तौर पर लगभग पांच हजार लोग जुड़े हैं। गोरखपुर-बस्ती मंडल समेत पूरे पूर्वांचल में मछली के शौकीनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बड़ी मात्रा में अन्य प्रदेशों से मछलियां मंगाई जाती हैं। मत्स्य पालन विभाग ने अब स्थानीय स्तर पर ही मछली पालन के कारोबार को बढ़ावा देने का प्रयास शुरू किया है। बीते मार्च में इसके तहत जहां मत्स्य पालकों को भी आम किसानों की तरह ही किसान क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराया गया वहीं अब संतकबीरनगर, गोरखपुर, कुशीनगर समेत प्रदेश के 18 जनपदों में एक-एक फिश सीड रियरिंग यूनिट (मछली बीज उत्पादन केंद्र) विकसित करने के लिए बजट आवंटित किया है। प्रत्येक रियरिंग यूनिट एक हेक्टेयर की होगी, जिसके विकास में तीन लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। रियरिंग यूनिट की स्थापना के लिए आम मत्स्य पालकों को ही अवसर दिया जाना है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी वीपी सिंह ने कहा कि पात्र व्यक्ति का चयन कर रिपोर्ट शासन को भेजा जाएगा। संतकबीरनगर के अलावा यह यूनिट कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या, बाराबंकी, बलरामपुर, वाराणसी, मथुरा, सहारनपुर, रामपुर, अमरोहा, बिजनौर, बरेली व सोनभद्र में भी खुलेगी।