संतकबीरनगर। सीएचसी और पीएचसी पर तैनात कर्मचारी अपने रिश्तेदारों और चहेते के नाम पर फर्म बना लिए और विभिन्न मदों में भुगतान करते रहे। इसकी शिकायत जब भाजपा के मंडल महामंत्री ने की तो सीएमओ ने एडी हेल्थ के निर्देश पर जांच बैठा दी। साथ ही जिला डाटा कम लेखा प्रबंधक धीरज वर्मा को जांच के दौरान पद से हटा दिया है। इसके अलावा अपर सीएमओ के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच टीम बना दी है। एक सप्ताह में टीम से जांच रिपोर्ट मांगी है।
भाजपा के मंडल महामंत्री देवी प्रसाद श्रीवास्तव ने अपर निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण बस्ती मंडल को पत्र देकर आरोप लगाया कि सीएचसी, पीएचसी और नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर कार्यरत कर्मचारी अपने सगे संबंधियों के फर्मों को सामग्री व सेवा आपूर्ति व वाहनों का संचालन दिखाकर भुगतान कर रहे हैं, जो अनियमितता की श्रेणी में है।
मंडल महामंत्री के पत्र को संज्ञान में लेकर अपर निदेशक स्वास्थ्य ने सीएमओ को टीम गठित कर जांच का निर्देश दिया था। जिसके बाद सीएमओ ने सीएचसी और पीएचसी से होने वाले किसी भी भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया। साथ ही चार सदस्यीय टीम गठित कर दिया। टीम में यह लोग हैं शामिल: सीएमओ की गठित टीम ने अपर सीएमओ डॉ. महेंद्र प्रसाद, अपर सीएमओ डॉ. आरपी मौर्य, मंडलीय लेखा प्रबंधक एनएचएम इफ्तिखार अहमद और ब्रजेश अग्रहरि शामिल हैं। इन लोगों को जांच कर एक सप्ताह में रिपोर्ट देनी है।
जिला डाटा कम लेखा प्रबंधक के भुगतान पर रोक
सीएचसी और पीएचसी पर सगे संबंधियों के फर्मों के भुगतान के मामले में सीएमओ के जरिए गठित टीम ने जांच शुरू की है। सीएमओ ने जांच पूरी होने तक जिला डाटा कम लेखा प्रबंधक धीरज वर्मा को हटा दिया है। सीएमओ ने जारी पत्र में कहा है कि आपके सगे संबंधियों के जारी फर्माें पर सरकारी धन से भुगतान किया जा रहा है।
इसकी शिकायत मिली है। इसके लिए जांच पूरी होने तक एनएचएम से संबंधित कोई भुगतान नहीं किया जाएगा। उनकी जगह यह कार्य ब्रजेश अग्रहरि और जिला लेखाकार टीबी क्लीनिक रामबास करेंगे।