सेमरियावां। ब्लाॅक के ग्राम पंचायत सैथवलिया-सुटेहरा में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग के आरोप में ग्राम प्रधान के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार को डीएम ने सीज कर दिया है। यह कार्रवाई तकनीकी सहायक की शिकायत के बाद जांच में दोषी पाए जाने पर डीएम ने की है। डीएम ने डीपीआरओ को तत्कालीन ग्राम सचिव पर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने का निर्देश दिया है। बीडीओ से ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
20 जून 2022 को सेमरियावां ब्लाॅक के मनरेगा तकनीकी सहायक सिरीश चंद्र मिश्रा ने शिकायत पत्र दिया। आरोप लगाया कि सैथवलिया-सुटेहरा गांव उसे आवंटित था, उसी ग्राम पंचायत सैथवलिया-सुटेहरा गांव में तकनीकी सहायक रमेश चंद्र गुप्ता द्वारा दो परियोजना जो परशु के खेत से अकबाल के चक तक कच्चा नाला खुदाई तथा बांध गड़ही की खुदाई पर बिना पर कार्य कराए ही एम बी किए जाने की शिकायत की गई। प्रकरण की जांच लोकपाल मनरेगा ने की।
जांच आख्या में टीए रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा दोनों प्रोजेक्ट पर बिना कार्य कराए ही एमबी की गई है। साथ ही टीए रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा की गई एमबी की छायाप्रति उपलब्ध कराई गई है। जिसमें ग्राम पंचायत सैथवलिया-सुटेहरा सिरीश चंद्र मिश्रा को आवंटित था, उसी ग्राम पंचायत में एक परियोजना पर 184032 रुपये खर्च की गई, जबकि इसी परियोजना पर तकनीकी सहायक सिरीश चंद्र मिश्रा द्वारा कराएं गए कार्य के सापेक्ष 34719 रुपये की एमबी की गई। जो 149313 रुपये ज्यादा है।
जबकि दूसरी परियोजना बांध गड़ही खुदाई पर तकनीकी सहायक सिरीश चंद्र मिश्रा द्वारा कोई एमबी नहीं की गई। लेकिन तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता द्वारा 2,11,296 रुपये बिना कार्य पूर्ण कराए ही एमबी की गई। कुल 3,60,609 रुपये की एमबी बिना कार्य पूर्ण कराए की गई है। लोकपाल मनरेगा ने ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व तकनीकी सहायक पर कार्रवाई की संस्तुति की है। जांच टीम ने ग्राम प्रधान रूबीना खातून, ग्राम सचिव असदुल्लाह व तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता से स्पष्टीकरण मांगा था।
ग्राम प्रधान और तकनीकी सहायक रमेशचंद्र गुप्ता ने स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जबकि ग्राम सचिव असदुल्लाह ने कोई स्पष्टीकरण उपलब्ध नही कराया। 13 जून को डीएम आलोक कुमार ने ग्राम प्रधान रूबीना खातून का वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए प्रकरण की अंतिम जांच जिला के उप कृषि निदेशक को सौंपा है। डीपीआरओ को ग्राम सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया है। बीडीओ को डीपीआरओ को ग्राम पंचायत सदस्यों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।