- बखिरा क्षेत्र के बकहा गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
बखिरा। क्षेत्र के बकहा गांव निवासी दो पक्षो में 23 दिसंबर को जमकर विवाद हो गया। इस मामले में एक पक्ष के 13 लोग जबकि दूसरे पक्ष के कुल नौ लोगो के खिलाफ मारपीट व बलबा का केस बखिरा पुलिस ने दर्ज किया है।
विरेंद्र निवासी बकहा ने बताया कि उसने 18 सितंबर 2021 को रामप्रताप व राणाप्रताप के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे की रंजिश की वजह से रामप्रताप समेत कुल 13 लोग लामबंद होकर टांगी, चाकू, लाठी, डंडा, फरसा लेकर 23 दिसंबर की शाम साढ़े सात बजे बकहा चौराहे पर जुटे थे। बकहा चौराहे पर उसे पाकर रामप्रताप ने सिर पर टांगी से हमला कर दिया। जिससे लहूलुहान होकर वह जमीन पर गिर गया। अन्य लोग उसका गला दबाने लगे। बीच बचाव करने आए मटेलू, रीना समेत अन्य लोगो पर भी ईंट, पत्थर, घूसा व चाकू से हमला कर दिया व जातिसूचक अपशब्द कहने लगे। वीरेंद्र की हालत गंभीर देख डाॅक्टरों ने उसे मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया।
दूसरे पक्ष के भरत सिंह का आरोप है कि 22 दिसंबर को स्कूली बच्चों के बीच विवाद हो गया था। इसी बात को लेकर 23 दिसंबर की शाम को साढ़े छह बजे गांव के हरीलाल समेत कुल नौ लोगों ने एक राय होकर लाठी डंडे, गड़ासा व लोहे की राॅड से उसके भाई पर हमला कर दिया। रामकरण को अपशब्द कहने लगे। घर का दरवाजा ईंट पत्थर से तोड़ दिए। इस हमले से उसके भाइयों व बेटी पुष्पा को काफी चोट आई। तीजू व भाई रामकरण की हालत गंभीर देख मेडिकल काॅलेज रेफर किया गया। जबकि विरोधी बेटी पुष्पा को जान से मारने की धमकी दे रहे हैँ।
एसओ श्याममोहन ने बताया कि एक पक्ष के तीजू सिंह, गोविंद, दीनानाथ सिंह समेत 13 लोगो के खिलाफ बलवा, जान से मारने की धमकी व एससीएसटी में मुकदमा दर्ज किया गया है। जबकि दूसरे पक्ष के हरिलाल, राजू, मीरा समेत कुल नौ व कुछ अज्ञात के खिलाफ बलवा, जान से मारने की धमकी व आर्थिक क्षति के मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।