जनपद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शशि कुमार ओझा और संतकबीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महीप बहादुर पाल की अगुआई में अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल एसडीएम से मिला। अधिवक्ताओं का आरोप था कि रविवार को जगतगुरु शंकराचार्य इंटर कॉलेज मेंहदावल के परिसर में पंचायत चुनाव की मतगणना हो रही थी।
जिसमें उसी क्षेत्र के निवासी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता सच्चिदानंद पाठक अपने गांव के एक प्रधान पद के प्रत्याशी का एजेंट बन कर अंदर गए थे। आरोप था कि मतगणना टेबल से एजेंटों को काफी दूर रखे जाने से अधिवक्ता ने उसका विरोध किया और व्यवस्था सुधारने की मांग उठाई। इससे नाराज होकर एसओ मेंहदावल ने अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार किया। पुलिस कर्मियों से पकड़वा कर अधिवक्ता को थाने भेजवा दिया। जहां पुलिस कर्मियों ने भी दुर्व्यवहार किया और अधिवक्ता की मोबाइल, डायरी आदि रख लिया।
बाद में सांसद शरद त्रिपाठी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने अधिवक्ता को थाने से घर जाने दिया। अधिवक्ताओं ने सीओ मेंहदावल से फोन पर वार्ता की और मामले से अवगत कराया। मांग पर एसडीएम ने पीड़ित अधिवक्ता सच्चिदानंद पाठक का मेडिकल जांच कराए जाने का निर्देश सीएमएस को दिया। पीड़ित अधिवक्ता सच्चिदानंद पाठक का आरोप था कि पूर्व में एक मामले को लेकर एसओ उनसे नाराज चल रहे थे। द्वेष की भावना से मतगणना परिसर में उसके साथ दुर्व्यवहार किए। एसओ को हटाए जाने के साथ उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग की। इस दौरान अधिवक्ता दिनेश राय,घनश्याम त्रिपाठी,राजेश कुमार, राजकिशोर ओझा, योगेंद्र यादव,निरंजन सिंह आदि उपस्थित रहे।