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Sant Kabir Nagar News: नहर के बगल में खेत... सिंचाई के लिए लगाना पड़ रहा पंपिंग सेट

Thu, 11 Dec 2025 01:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद
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लोहरौली। जिले के सेमरियांवा और बेलहर ब्लाक क्षेत्र में स्थित सरयू नहर में पानी न आने से किसानों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि नहर के बगल में स्थित खेत में ही निजी पंपिंग सेट से सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे उनकी न सिर्फ खेती की लागत बढ़ रही है, बल्कि उनकी कमर भी आर्थिक रूप से टूट जा रही है।
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सरयू नहर खंड की यह नहर मेन कैनाल से यह नहर निकलती है। वहां से निकलकर यह नहर बेलहरकला के साथ ही सेमरियांवा और बघौली ब्लाक क्षेत्र में स्थित दर्जनों गांवों के खेतों की सिचाई करती है। इस नहर के आसपास जातेडीहा, दुधारा, हटवा, बिरनजोत, भरवलिया, अहिरौली, भंगुरा आदि गांवों के किसान इससे लाभान्वित होते हैं। वर्तमान समय में रबी फसलों की सिचाई का मौसम चल रहा है। ऐसे में नहर में पानी ही नहीं है। नहर के बगल में स्थित खेतों के किसानों को ही निजी नलकूप या किराए के नलकूपों के जरिए पानी चलाना पड़ रहा है। स्थिति तो यह है कि किसानों को इसके लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। नहर में पानी रहता तो किसानों की सिचाई मुफ्त में हो जाती और उनकी खेती की लागत भी कम होती। किसानों ने नहर में पानी छोड़े जाने की मांग की है।
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एक बीघे की सिचाई में 600 से 1000 आ रही लागत
क्षेत्र के किसान बताते हैं कि एक बीघे गेहूं के खेत की सिंचाई में 600 से लेकर 1000 तक की लागत आ रही है। अगर किसान अपने पंपिंग सेट से सिचाई करता है तो उसका 600 रुपये का डीजल लगता है। वहीं अगर किराए पर सिचाई कराता है तो 1000 से 1200 रुपये लगते हैं।
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किसानों की पीड़ा

हमारी फसलों की सिंचाई के लिए ही यह नहर बनाई गई थी। लेकिन, जब पानी की जरूरत है तब नहर में पानी ही नहीं है। ऐसे में किसानों को सिंचाई के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। -मकबूल अहमद, किसान

नहर में पानी न आने से समस्या बढ़ी है। निजी नलकूपों से सिंचाई करनी पड़ रही है। स्थिति यह एक बीघे खेत की सिंचाई हजार रुपये तक खर्च हो जा रहे हैं। इससे किसानों की खेती की लागत बढ़ रही है। -अफसर अहमद, किसान
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वर्तमान समय में सरकार खेती की लागत को घटाने की बात कर रही है। जबकि हमारी खेती की लागत बढ़ती ही जा रही है। नहर में पानी न आने से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। -जमील अहमद, किसान
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फसलों की सिंचाई के लिए बनी नहर सीजन में ही बेपानी है। खेतों की सिंचाई हो जाने के बाद नहर में पानी आता है। उस समय नहर ओवर फ्लो होने से खेत पूरी तरह से डूब जाते हैं और नुकसान होता है। -तूफैल अहमद, किसान

सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद

सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद

सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद

सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद

सूखी नहर के बगल में पंपिंग सेट से पानी चला रहा किसान । संवाद

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