अनियमितता में उर्वरक बिक्री केंद्र का लाइसेंस निलंबित
संतकबीरनगर। डीएम की गठित टीम ने मंगलवार को जिले में 24 उर्वरक बिक्री केंद्रों की जांच किया। इस दौरान विभिन्न उर्वरकों के 13 नमूने जुटाए। जांच में अनियमितता पाए जाने पर एक बिक्री केंद्र का प्राधिकार पत्र निलंबित करते हुए उर्वरक की बिक्री पर रोक लगा दिया।
खलीलाबाद तहसील में एसडीएम राज नारायण त्रिपाठी और जिला कृषि अधिकारी पीसी विश्वकर्मा ने संयुक्त रूप से किसान इंटरप्राइजेज भुजैनी की जांच की। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पूर्व में दिए गए निर्देश के बावजूद स्टॉक को व्यवस्थित रूप से नहीं रखने एवं अन्य अनियमितता कारण उर्वरक बिक्री प्राधिकार पत्र को निलंबित करके बिक्री प्रतिबंधित की गई। इसी प्रकार एग्री जंक्शन कृषक सेवा केंद्र भैंसा की दुकान बिना किसी सूचना के बंद पाए जाने, प्रतिष्ठान पर रेट बोर्ड , स्टॉक बोर्ड एवं दुकान के नाम को प्रदर्शित करने वाला बोर्ड नहीं लगे होने पर कारण बताओ नोटिस निर्गत कर अग्रिम आदेशों तक उर्वरक बिक्री प्रतिबंधित की गई है। जबकि हसन ट्रेडर, चिउटना, मोहम्मद जमाल खाद भंडार, सेमरियावां को चेतावनी पत्र निर्गत कर अभिलेख एवं स्टाक उचित प्रकार से रखने के लिए निर्देश दिए गए। तहसील धनघटा क्षेत्र में भूमि संरक्षण अधिकारी एवं एसडीएम धनघटा ने आठ उर्वरक बिक्री केंद्रों का निरीक्षण कर पांच नमूने संग्रहित किया । छापे की कार्रवाई में किसानों को गुणवत्ता युक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के दृष्टिगत डीएपी के चार, एमओपी के एक, एसएसपी के पांच, मोनो अमोनियम फास्फेट के एक, सूक्ष्म तत्व के दो इस प्रकार कुल 13 उर्वरक के नमूने लिए गए। जबकि 24 दुकानों का निरीक्षण किया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि आगे भी जांच जारी रहेंगी। जिस उर्वरक बिक्री केंद्र पर पीओएस मशीन के स्टॉक एवं भौतिक स्टॉक में अंतर पाया जाएगा, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।