-11-11 हजार रुपये अर्थदंड से भी किया दंडित
संतकबीरनगर। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह की अदालत ने बच्चों के विवाद में बुजुर्ग की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर दोषी पिता-पुत्र, बहू को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। साथ ही 11-11 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर दोषी को छह-छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
मामला थाना महुली क्षेत्र के ग्राम नगुआ का है। 19 मई 2016 की शाम करीब सात बजे बच्चों के बीच हुए विवाद और पुरानी रंजिश को लेकर राजाराम, बीरबल और सरोज ने एकराय होकर वादी दुर्जन के दरवाजे पर चढ़कर गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने और बीच-बचाव करने आए दुर्जन के 70 वर्षीय चाचा झगरू, दुर्जन और टुनटुन पर आरोपियों ने लाठी-डंडे से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में तीनों को गंभीर चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल झगरू को इलाज के लिए ले जाया गया जहां 22 मई 2016 की सुबह सिर की गंभीर चोट लगने के कारण उनकी मौत हो गई।
अभियोजन की तरफ से कुल नौ साक्षियों ने साक्ष्य दिया और मृतक का पोस्टमार्टम करने वाले डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर की चोटों की पुष्टि की। सत्र न्यायाधीश रणधीर सिंह ने वर्ष 2016 के गैरइरादतन हत्या और मारपीट के मामले में फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी राजाराम सहित बीरबल और सरोज देवी को सात-सात वर्ष का साधारण कारावास और 11-11 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास का आदेश दिया।