संतकबीरनगर। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे की कोर्ट ने मारपीट के मामले में पिता-पुत्र व भाई को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही छह हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
पीड़ित सुजीत कुमार ने थाना कोतवाली खलीलाबाद में प्रार्थना पत्र दिया कि 19 मई 2019 की सुबह लगभग आठ बजे खेत में पानी चला रहे थे। तभी इंदर, विजय सेन, राजकरन, विकास ने भूमि विवाद में दरवाजे पर चढ़कर अपशब्द बोलने लगे। मां ज्ञानधारी ने विरोध किया तो आरोपियों ने उनकी पीटने लगे। बीच बचाव करने मेरी चाची भाना देवी व भाई सोमनाथ आए तो उन्हें भी लात घुसा डंडा से पिटाई कर दी।
कोतवाली खलीलाबाद में केस दर्ज हुआ। चिकित्सीय परीक्षण के आधार पर धारा परिवर्तित कर मामले की विवेचना आरंभ हुई। साक्षियों के बयान व इंजरी रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए विवेचक ने आरोपियों इंदर प्रसाद, विजय सेन, राजकरन व विकास के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। दौरान विचारण आरोपी इंदर प्रसाद की मृत्यु हो गई और उनके विरुद्ध कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
अभियोजन पक्ष से 10 साक्षियों को परीक्षित कराया गया। अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रमेश दुबे ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर साबित नहीं पाए जाने पर गैर इरादतन हत्या व अपशब्द में दोष मुक्त करते हुए थाना कोतवाली खलीलाबाद अंतर्गत ग्राम सतौरा माधोपुर के विजय सेन, विकास, राज करन तीनों लोगों को मारपीट कर हड्डी तोड़ने के मामले में दोषी पाए जाने पर चार साल की सजा सुनाई है।ग