अरहर, मक्का, बाजरा और मूंगफली की खेती प्रभावित
- लगातार बारिश होने से आई समस्या
संवाद न्यूज एजेंसी
धनघटा। लगातार बारिश की वजह से अरहर, मक्का, बाजरा और मूंगफली आदि की बुवाई नहीं हो पा रही है। बुजुर्ग कम ठंड पड़ने की आशंका जताते हुए गेहूं की फसल के लिए ऐसे मौसम को शुुुुभ संकेत नहीं मान रहे हैं।
27 मई से 24 जून तक जेठ का महीना रहा, लेकिन मई माह से शुरू हुई बारिश अब तक जारी है। जेठ में ही लोगों को सावन भादों का महीना याद आ गया। जेठ में तपन का न होना बुजुर्ग खेतीबारी के लिए शुभ संकेत नहीं मान रहे हैं। 81 वर्षीय रामदीन, 78 वर्षीय देवमन, 67 वर्षीय पराग और रामराज बताते है कि जेठ माह में 45-50 वर्षों बाद इस तरह की बारिश हो रही है। तपन न होने से ठंडक भी कम पड़ सकती है, जो गेहूं आदि की फसल के लिए ठीक नहीं है। बुजुर्गों का कहना है कि माघ माह की ठंडक और जेठ माह की तपन ही लोगों को मौसम का एहसास कराती है, लेकिन बदलते परिवेश में प्रकृति भी अपने नियम बदलने लगी है। लोगों का कहना है कि इसी समय इतनी बारिश हो जा रही कि खेती का काम करना मुश्किल हो गया है। अरहर, मक्का, बाजरा, मूंगफली की बुआई नहीं हो पा रही है। कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर वीवी सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश तो बहुत हो रही है, लेकिन इस बारिश से किसानों को घबड़ाने की जरूरत नहीं है। फसलों को लगाने का समय अभी बचा है। उम्मीद है कि जल्द मौसम सामान्य होगा।