किसानों को मिलेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे
- राजकीय बगीचा घोरहट में स्थापित हो रहा सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का कार्य अंतिम चरण में
- सितंबर में सक्रिय हो जाएगा केंद्र, किसान आसानी से प्राप्त कर सकेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे
- खुद के प्रयोग के साथ व्यापारिक दृष्टिकोण से किसान उठा सकेंगे लाभ
संतकबीरनगर। जिले के राजकीय बाग घोरहट में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का निर्माण कार्य अंतिम दौर में पहुंच गया है। इस सेंटर से किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे मिलेंगे। इससे जहां किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। वहीं किसान बेमौसमी सब्जियां उगाकर खुद तो प्रयोग करेंगे ही, साथ ही इससे आमदनी भी बढ़ाएंगे।
पूर्व उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री श्रीराम चौहान की पहल से प्रदेश के सात जिलों में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित किए जाने की स्वीकृति शासन से मिली थी। जिसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है। जिले के धनघटा विधानसभा क्षेत्र के घोरहट में राजकीय बगीचा है, जो 24 एकड़ में फैला हुआ है। उसी बगीचे में 4,000 वर्ग मीटर जमीन में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित किए जाने के लिए चिह्नित हुई थी। छह जनवरी 2022 को पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक खजनी गोरखपुर श्रीराम चौहान ने सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का शिलान्यास किया था। जिला उद्यान अधिकारी संतोष कुमार दूबे ने बताया कि सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का कुल लागत एक करोड़ चार लाख निर्धारित है। इसमें दो पॉली हाऊस बन रहा है। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध होगी। इस सेंटर से बेमौसमी सब्जियों के पौध तैयार किए जाएंगे। लौकी, टमाटर, करेला, गोभी, भरूआ मिर्च आदि शंकर प्रजाति की सब्जियों के पौधे यहां तैयार होंगे।
बेमौसमी सब्जियों के पौधों को किसानों को उचित मूल्य पर उपलब्ध कराएं जाएंगे। यदि कोई किसान अपना उन्नतशील किस्त का बीज सेंटर को देना चाहेगा तो उसे सेंटर पर दे सकेगा और यहां से उस बीज से पौधे तैयार करके किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इस सेंटर के खुल जाने से जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को काफी फायदा होगा। साथ ही सब्जी की खेती का विस्तार भी होगा। वैसे बस्ती में चार साल पहले सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित हुआ था। वहां भी बेमौसमी सब्जियों के पौधे तैयार कर किसानों को दिए जाते हैं, लेकिन घोरहट में स्थापित हो रहा केंद्र सक्रिय हो जाने पर किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उम्मीद है कि 20 दिनों में इसका निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। उसके बाद यहां सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस में बेमौसमी सब्जियों के पौधे तैयार किए जाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
जिले में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस के शुरू हो जाने पर किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे आसानी से सुलभ होंगे। किसान खुद के प्रयोग के साथ व्यापार के दृष्टिकोण से बेमौसमी सब्जियों को उगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे। शासन की मंशा भी है कि किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में कारगर उपाय किए जाएं।
- अतुल मिश्र, सीडीओ, संतकबीरनगर