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जिले में किसानों को मिलेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे

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जिले में किसानों को मिलेंगे बेमौसमी सब्जियों के पौधे
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- राजकीय बाग घोरहट में स्थापित होगा सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस
- उद्यान एवं कृषि विपणन राज्यमंत्री श्रीराम चौहान करेंगे शिलान्यास
शोभित कुमार पांडेय
संतकबीरनगर। जिले को सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस की सौगात मिली है। नाथनगर विकास खंड के घोरहट स्थित राजकीय बगीचे में यह सेंटर स्थापित होगा। इस पर 1. 4 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सेंटर के खुल जाने से किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे मिलेंगे। इससे यहां के किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। शुक्रवार को उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री श्रीराम चौहान इस सेंटर की आधार शिला रखेंगे।
उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री श्रीराम चौहान की पहल से प्रदेश के सात जिलों में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित किए जाने की स्वीकृति शासन से मिली है। जिसमें संतकबीरनगर जिला भी शामिल है। जिले के धनघटा विधान सभा क्षेत्र के घोरहट में राजकीय बगीचा है,जो करीब 24 एकड़ में फैला हुआ है। उसी बगीचे में 4000 वर्ग मीटर जमीन में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित होगा। जिला उद्यान अधिकारी संतोष दूबे ने बताया कि इसकी कुल लागत एक करोड़ चार लाख रुपये निर्धारित है। इसमें दो पॉली हाऊस बनेगा। इसके साथ ही अन्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इस सेंटर से बेमौसमी सब्जियों के पौध तैयार किए जाएंगे। लौकी, टमाटर, करेला, गोभी, भरूआ मिर्च आदि शंकर प्रजाति की सब्जियों के पौधे यहां तैयार होंगे। बेमौसमी सब्जियों के पौधे को किसान उचित मूल्य देकर प्राप्त कर सकेंगे। यदि कोई किसान अपना बीज देना चाहेगा तो उसे सेंटर पर दे सकेगा और यहां उस बीज से पौध तैयार करके फिर किसानों को दिया जाएगा। इसके लिए निर्धारित शुल्क देना होगा। इस सेंटर से खुल जाने से जिले के सब्जी उत्पादक किसानों को काफी फायदा होगा। इसके साथ ही सब्जी की खेती का विस्तार भी होगा। वैसे बस्ती में चार साल पहले सेंटर ऑफ एक्सलेंस स्थापित हुआ था। वहां भी बेमौसमी सब्जियों के पौधे तैयार कर किसानों को दिए जाते हैं, लेकिन यहां केंद्र खुल जाने से किसानों को बस्ती की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को उद्यान एवं कृषि विपणन राज्य मंत्री श्रीराम चौहान सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस का शिलान्यास करेंगे। उम्मीद है कि छह महीने के भीतर केेंद्र सक्रिय हो जाएगा।
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जिले में सेंटर ऑफ मिनी एक्सलेंस स्थापित होने से किसानों को काफी फायदा होगा। किसानों को बेमौसमी सब्जियों के पौधे आसानी से सुलभ होंगे। किसान खुद के प्रयोग के साथ व्यापार के दृष्टिकोण से बेमौसमी सब्जियों को उगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगे।
- सुरेद्र नाथ श्रीवास्तव,सीडीओ
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