धनघटा। क्षेत्र के आगापुर उर्फ गुलरिहा, छपरा मगर्वी व चपरा पूर्वी गांव के सीमा विवाद को लेकर विवाद लंबे समय से चला आ रहा है। प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में बुधवार को किसानों का आक्रोश फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के बैनर तले किसानों ने तहसील धनघटा स्थित एसडीएम कार्यालय के सामने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरना जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें वरिष्ठ प्रदेश महासचिव श्रीप्रकाश पांडेय, तहसील अध्यक्ष धनघटा हफीजुल्लाह, संगठन मंत्री महाबली समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे सैकड़ों किसान व कार्यकर्ता शामिल हुए।
जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि आगापुर उर्फ गुलरिहा, छपरा मगर्वी व चपरा पूर्वी गांव के सीमा विवाद के निस्तारण के लिए राजस्व विभाग द्वारा कई बार सीमांकन टीम गठित की गई, लेकिन आज तक मौके पर प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई। सीमांकन न होने के कारण गांवों में आए दिन विवाद की स्थिति बनती है। बार-बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। धरने के दौरान किसानों ने पुलिस प्रशासन पर भी उत्पीड़न और एकपक्षीय कार्रवाई के आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि पीड़ित पक्ष की सुनवाई नहीं हो रही है। यदि समयबद्ध और निष्पक्ष सीमांकन करा दिया जाए तो विवाद स्वतः समाप्त हो सकता है। धरना-प्रदर्शन के बाद किसान नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर तत्काल सीमांकन कराने, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और किसानों के उत्पीड़न पर रोक लगाने की मांग की। अधिकारियों ने मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो 10 मार्च को जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया जाएगा, जिसमें जिले भर से बड़ी संख्या में किसान भाग लेंगे। धरना-प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।