धनघटा। दूध की जली बिल्ली मट्ठा फूंककर पीने वाली कहावत को डीएपी खाद किसानों के साथ चरितार्थ कर रही है। डीएपी खाद न मिलने से परेशान किसान गेहूं की बीज खरीदने के लिए सुबह से शाम तक सरकारी कृषि बीज भंडार पर डेरा डालना शुरू कर दिए हैं।
सरकारी कृषि बीज भंडार हैंसर बाजार पर गेहूं का बीज आने की सूचना पर किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ में शामिल किशन राम रुदल, संतराम, राम शंकर, रामहित, रामनिवास, जय राम आदि ने कहा कि डीएपी खाद कहीं पर भी मिलने वाली नहीं है। जिसके कारण सरसों, आलू, मटर, चना की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
डर है कि आगे चलकर सरकारी गोदामों से उन्नतशील गेहूं का बीज भी न गायब हो जाए। इस कारण बुवाई के 15 से 20 दिन पहले ही गेहूं का बीज खरीद रहे हैं।