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फार्मर रजिस्ट्री : सर्वर की धीमी रफ्तार... खतौनी के लिए लग रही लंबी लाइन

Fri, 17 Jan 2025 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संत कबीर नगर
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- रजिस्ट्रेशन न होने से किसानों को सम्मान निधि की 19वीं किस्त नहीं मिलेगी, 31 तक अंतिम तिथि
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- 2 लाख 78 हजार 850 किसानों की होनी है फार्मर रजिस्ट्री
- 51 हजार 684 किसानों की अभी तक रजिस्ट्री हो पाई



संतकबीरनगर। फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जिले के किसान परेशान हैं। जब तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो जाती है, तब तक उन्हें सम्मान निधि की 19वीं किस्त नहीं मिलेगी। किसानों को इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है। सर्वर की धीमी रफ्तार के चलते किसानों को रजिस्ट्री करने में परेशानियों हो रही है।
सरकार ने किसान सम्मान निधि के लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी कर दिया है। बिना इसके सम्मान निधि खाते में नहीं जाएगी। जिले में दो लाख 78 हजार 850 रुपये किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। इसके तहत किसानों का गोल्डन कार्ड बनेगा। अभी तक सिर्फ 51 हजार 684 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन पाई है। जबकि 31 जनवरी इसकी अंतिम तिथि है। इसके बाद किसानों के खाते में सम्मान निधि की रकम जानी है।
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महुली के किसान रामहरख, हरिहरपुर के विनोद शुक्ल, मेंहदावल के जयकरन ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री के लिए जनसुविधा केंद्र पर गए, लेकिन सर्वर नहीं चल रहा था। जिसकी वजह से अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पहले तहसील में लाइन में लगकर किसी तरह से खतौनी निकलवाई गई। अब जनसुविधा केंद्रों पर लाइन लगानी पड़ रही है। इससे काफी परेशानी हो रही है। उन्होंने बताया कि इसके लिए खतौनी, आधार कार्ड और मोबाइल नंबर जरूरी है।

धनघटा तहसील के 98 हजार किसानों की रजिस्ट्री में सर्वर बनी बाधा

धनघटा। सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए शासन ने फार्मर रजिस्ट्री कराना शासन में अनिवार्य कर दिया है। वहीं फार्मर रजिस्ट्री में सर्वर सबसे बड़ी बाधा बनी है। जिससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को धनघटा तहसील में फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए पहुंचे किसान रामसरीख, हरकेश दुबे, रामकेश यादव, जनार्दन कनौजिया, राजाराम आदि ने बताया कि तहसील आने पर बताया गया कि सर्वर डाउन चल रहा है, जिसके कारण दिन में काम नहीं हो पाएगा। रात में 01:00 बजे के बाद सर्वर चलता है तभी फार्मर रजिस्ट्री हो सकती है। इस संबंध में धनघटा एसडीएम अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि तहसील क्षेत्र में 98000 किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री की जानी है। जिनमें से 10000 लोगों की फार्मर रजिस्ट्री हो चुकी है। गांव-गांव में कैंप लगाकर रजिस्ट्री की जाएगी। इस समय देशभर में सर्वर डाउन चल रहा है, जिस पर काम चल रहा है।

क्या है फार्मर रजिस्ट्री
फार्मर रजिस्ट्री एक ऐसी आईडी है, जो विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए काम आएगी। इसलिए किसानों के लिए अनिवार्य यह है। इसमें एंड्रायड फोन से फार्मर रजिस्ट्री नंबर जारी करना है तो आधार कार्ड, जमीन की खतौनी और मोबाइल नंबर, जो आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है।

लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 35510 किसानों की हुई फार्मर रजिस्ट्री
जिले में निर्धारित लक्ष्य 2,78,850 किसानों के सापेक्ष अभी 51,684 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री के तहत गोल्डन कार्ड बनाया गया है। जिनमें खलीलाबाद तहसील से कुल 23 प्रतिशत, मेंहदावल तहसील से 14, घनघटा तहसील से 12 और जनपद में कुल 19 प्रतिशत प्रगति हुई है। जनपद में कुल 1223 जन सुविधा केंद्र संचालित हैं, जिनमें से केवल 718 जन सुविधा केंद्र पर गोल्डन कार्ड बनाया जा रहा है।

बोले किसान
फार्मर रजिस्ट्री में नाम मिलान का स्टेप अति महत्वपूर्ण है। जिसके चलते कई खेतों का डाटा फार्मर रजिस्ट्री एनरोलमेंट में शामिल नहीं पाया है। एक जनवरी को फार्मर रजिस्ट्री में आवेदन किया गया। एनरोलमेंट का अभी तक सत्यापन नहीं हो पाया है। संबंधित लेखपाल से संपर्क करने पर सर्वर की समस्या बता रहे हैं।

- चंद्रलोक पांडेय, मेंहदावल

फार्मर रजिस्ट्री की सूचना मिली तो तहसील में खतौनी निकलवाने आए हैं। एक घंटे से लाइन में लगे हैं। बिना खतौनी के फार्मर रजिस्ट्री नहीं बन पाएगी। 31 जनवरी अंतिम तिथि बताई जा रही है। अगर इसे नहीं बनवाया तो सम्मान निधि का लाभ नहीं मिल पाएगा।
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- रमेश, छपिया आनंदराय

फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए एसडीएम और बीडीओ को निर्देश दिया गया है कि सभी जनसुविधा केंद्र संचालकों के साथ बैठक कर इसमें तेजी लाएं। प्रत्येक जन सुविधा केंद्र पर एक कर्मचारी तैनात करें। अन्य क्षेत्रीय कर्मचारी, लेखपाल, किसान सहायक, पंचायत सहायक आदि नजदीकी जन सुविधा केंद्र पर किसानों को भेजें, जिससे लक्ष्य के सापेक्ष फार्मर रजिस्ट्री हो सके।
- महेंद्र सिंह तंवर, डीएम
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