आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि प्रधान अपने मां-बाप के इकलौते बेटे थे। उनके पिता रामप्यारे चौधरी की मौत कुछ साल पहले हो गई थी। इनके परिवार में पत्नी प्रमिला चौधरी, वृद्घ मां हेमरती और उनके बडी 12 वर्षीय बेटी अर्पिता, बेटा अतुल और सिद्घार्थ है। मुखिया की मौत से प्रधान का परिवार बिखर गया। जाम लगाने वालों के साथ पीड़ित वृद्घ मां और पत्नी भी शामिल थी।
बेटे की हत्या से वृद्घ मां जहां बेसुध थी,वहीं पीड़ित पत्नी को गुमसुम हो गई थी। रोते हुए यहीं कह रही थी कि हत्यारोपियों ने तो उसकी दुनिया उजाड़ दी। पीड़ित परिजन और गांव के लोग यहीं मांग कर रहे थे कि हत्यारोपियों की गिरफ्तारी तत्काल की जाए। पीड़ित पत्नी ने कहा कि अब जीवन का एक ही लक्ष्य है कि पति के हत्यारोपियों को कड़ी सजा हो। न्याय के लिए वह पुलिस के उच्चाधिकरियों से लेकर कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी।
एसपी आवास के पास ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर मेंहदावल-खलीलाबाद मार्ग को जाम किए थे। उस दौरान लगातार बारिश हो रही थी। ग्रामीण घटना से इस कदर आक्रोशित थे कि उन्हें बारिश की जरा भी परवाह नहीं थी। ग्रामीणों के गुस्सा और जुनून को देखकर पुलिस कर्मी और अधिकारी भी सकते में आ गए थे। इधर पुलिस ने मेंहदावल बाईपास पर बैरियर लगाकर वाहनों को डायवर्ट कर दिया। वाहन सवार नेदुला-ऊनखास होकर बड़गों चौराहे पर पहुंच रहे थे और फिर गंतव्य को गए। इससे लोगों को काफी दिक्कतें हुईं।
पूर्व विधायक ने भी पहुंच कर ग्रामीणों का दिया साथ
जिस वक्त ग्रामीण बारिश के बीच भींग कर जाम लगाए थे, उसी वक्त सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण चतुर्वेदी उर्फ जय चौबे, जिला पंचायत अध्यक्ष बलिराम यादव अखिलेश चौधरी, प्रधान कौशल चौधरी भी मौके पर गए। पूर्व विधायक जय चौबे ने घटना की निंदा की और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
ईंट-भट्ठा संघ ने आंदोलन का दिया अल्टीमेटम
जिला ईंट निर्माता समिति के जिलाध्यक्ष रवि उदय पाल ने कहा कि प्रधान कौशल चौधरी ईंट-भट्ठा भी संचालित करते थे और समिति के सदस्य थे। पहले तो उनके भट्ठे की दीवार गिरा दी गई थी। जिसका केस प्रधान कौशल चौधरी दर्ज करए थे। इधर जिस तरीके से प्रधान की हत्या की गई है,उससे यहीं लग रहा है कि आरोपियों के अंदर कानून का जरा सा भय नहीं है। यदि पुलिस एक सप्ताह के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं करती है तो ईंट निर्माता समिति के लोग आंदोलन करने को बाध्य होगे।