संतकबीरनगर। खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के महादेवा गांव में चोरी की शिकायत को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत करने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। पुलिस से कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने मामले में प्राथमिक की दर्ज कर आवश्यक विधि कार्रवाई शुरू कर दी है
महादेवा गांव निवासी सुनील ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि तीन अप्रैल की शाम करीब सात बजे गांव का राजू चोरी की नीयत से उसके घर में घुस गया। वह शादी के लिए रखे गए झुमकी, मांग टीका और मंगलसूत्र लेकर जाने लगा। इसी दौरान सुनील की बहन खुशबू ने उसे देख लिया, जिस पर वह सामान छोड़कर भाग निकला।
सुनील के अनुसार, बहन ने खेत में मौजूद परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद शाम करीब साढ़े सात बजे वह परिजन के साथ शिकायत करने राजू के घर पहुंचा। वहां मौजूद राजू, लालचंद, हरी, शोभा, भानू, जगई और उसकी पत्नी ने गाली-गलौज शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी।
विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों और सरिया सीधा करने वाले लोहे के डाई से हमला कर दिया। हमले में सुनील, उसकी बहन खुशबू, भाई संदीप और मां राजमती के सिर में गंभीर चोटें आईं, जबकि पिता गोविंद का हाथ टूट गया। बीच-बचाव करने पहुंचे झब्बू, सीबू समेत अन्य लोगों को भी चोटें आईं। कोतवाली जयप्रकाश दूबे ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर मामले में उक्त आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक विधि कार्रवाई की जा रही है।