धनघटा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली के जिम्मे में करीब तीन लाख आबादी के सेहत की जिम्मेदारी है। सीएचसी पर पहले एक डॉक्टर थे, लेकिन तीन वर्षों से बाल रोग समेत अन्य रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं हैं, जिससे खासकर बच्चों का इलाज लोग मजबूर होकर झोलाछाप के यहां कराने को मजबूर हैं।
केंद्र पर अल्ट्रासाउंड मशीन न होने के कारण लोग बाहर से अल्ट्रासाउंड कराने को विवश हैं। विकास खंड हैंसर बाजार और पौली की जनता के बेहतर इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मलौली है। यहां 40 से 50 किलोमीटर की दूरी तय करके लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। अस्पताल में रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण यहां से निराश लौटना पड़ता है।
बच्चे के इलाज के लिए अस्पताल पर पहुंचीं प्रभावती, सोनमती, कमला ने बताया कि बच्चे की तबीयत 15 दिन से खराब है। उसे दस्त और कभी-कभी उल्टी आ रही है। अस्पताल पर इस उम्मीद के साथ पहुंचे कि कोई विशेषज्ञ डॉक्टर होगा और उसको बच्चे को दिखाएंगे, लेकिन यहां आने के बाद पता चला कि कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
इस इलाके में आए दिन हादसे में घायल होकर लोग अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन हड्डी रोग विशेषज्ञ न रहने के कारण उन्हें मरहम पट्टी करके जिला अस्पताल रेफर कर दिया जा रहा है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर भी यहां नहीं है, जबकि दो साल पहले नेत्र रोग विशेषज्ञ चिकित्सक हुआ करते थे। किसी सर्जन के न होने के कारण छोटा से छोटा ऑपरेशन करने के लिए लोगों को खलीलाबाद या गोरखपुर जाना पड़ता है।