जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे मरीज व तीमारदार। संवाद
संतकबीरनगर। जिले में बढ़ी उमस और चिलचिलाती धूप का असर अब लोगों की आंखों पर भी दिखाई देने लगा है। तेज गर्मी और धूल भरी हवाओं के कारण आंखों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल की नेत्र ओपीडी में औसत 60 से 70 मरीज आंखों की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार धूल भरी गर्म हवाएं और तेज धूप आंखों के लिए खतरनाक साबित हो रही हैं। इन दिनों आंखों में एलर्जी, कंजंक्टिवाइटिस, जलन, खुजली, आंखों का सूखना और लालपन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
बाइक या पैदल लंबे समय तक धूप में रहने वाले लोग सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई मरीजों में आंखों से पानी बहना और सुबह उठने पर आंखों की पुतलियां चिपकने जैसी शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अभिनव अग्रवाल ने बताया कि सूर्य की तेज किरणें और धूल भरी हवाएं आंखों में संक्रमण और एलर्जी का खतरा बढ़ा रही हैं। उन्होंने सलाह दी कि धूप में निकलने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाला चश्मा पहनें और बाहर से आने के बाद आंखों को साफ व ठंडे पानी से धोएं।
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ जिला अस्पताल डॉ. शिवानंद सिंह ने बताया कि इन दिनों मोतियाबिंद, टेरेजियम और एलर्जी से संबंधित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने लोगों को तेज धूप से बचने और आंखों में किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
विशेषज्ञों के अनुसार आंखों को ठंडक पहुंचाने के लिए गुलाब जल या खीरे का उपयोग लाभदायक हो सकता है। चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि आंखों में जलन, खुजली या लालपन को नजरअंदाज न करें और संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। बच्चों और बुजुर्गों को तेज धूप में बाहर निकलने से बचाने की भी सलाह दी गई है।