मगहर। संत कबीर की निर्वाण स्थली के निकट स्थित रेलवे स्टेशन मगहर पर्यटन की श्रेणी में आता है। रेलवे स्टेशन पर मेल एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव न होने से यात्रियों, पर्यटकों के निर्वाण स्थली पर पहुंचने में काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ता है।
पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर मगहर स्टेशन स्थित है, जो पर्यटक स्टेशन की सूची में भी शामिल है। स्टेशन से लगभग 750 मीटर की दूरी पर संत कबीर की निर्वाण स्थली स्थित है। कबीर की निर्वाण स्थली की महत्ता को देखते हुए रेल मंत्रालय द्वारा स्टेशन को स्वदेश दर्शन योजना में शामिल कर यहां पर शौचालय, पेयजल, विश्रामालय, कोच इंडिकेशन, डिजिटल घड़ी व डिस्प्ले, वाटरकूलर की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही आने वाले समय में स्वचालित सीढ़ी को भी लगाए जाने की योजना है। खलील खान, त्रिलोकीनाथ वर्मा, हाफिज जमील, इंद्रजीत यादव आदि का कहना है कि पहले मगहर स्टेशन पर कृषक एक्सप्रेस, इंटरसिटी एक्सप्रेस एवं बरौनी लखनऊ एक्सप्रेस का ठहराव था जिसे कोरोना काल से ही समाप्त कर दिया गया और अब तक बहाल नहीं किया गया है। मगहर स्टेशन की महत्ता के विपरित यहां पर लंबी दूरी की ट्रेनों का ठहराव समाप्त कर दिया गया है। स्टेशन के सामने बने पार्क में झाड़ी उगी हुई हैं। रात में अंधेरा होना इसकी दुर्दशा को दर्शाता है। नगर वासियों ने बंद पड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के पुनः ठहराव व साफ सफाई की मांग की है। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक हरिराम शुक्ला ने बताया कि पार्क में उगी बड़ी झाड़ियों को साफ कराने के लिए आईओडब्लयू, स्ट्रीट लाइट एवं प्लेटफार्म की बिजली को ठीक करने के लिए संबंधित को सूचित किया गया है। शीघ्र ही पार्क की झाड़ियों की सफाई और स्ट्रीट लाइट ठीक जाएगी।