धर्मसिंहवा बाजार स्थित बीयर की दुकान में सोमवार देरशाम आबकारी विभाग ने टीम ने जांच की। इसके बाद दुकान के मुनीम में इस दौरान टीम पर मारपीट, दुकान से बीयर की कुछ बोतलें और 1800 रुपये नकद ले जाने का आरोप लगाया। उधर, जांच टीम के इंस्पेक्टर ने आरोपों को नकारते हुए दुकान में ओवररेटिंग और बीयर की बोतल में पानी मिलने की बात कही।
हरिप्रसाद की लाइसेंसी बीयर की दुकान है। यहां क्षेत्र के सेवाईचपार निवासी कमलेश कुमार(26) पुत्र सलकू मुनीम के रूप में कार्यरत हैं। सोमवार देर शाम आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह टीम के साथ दुकान पर पहुंचे और चेकिंग की। दुकान के मुनीम का आरोप है कि आबकारी इंस्पेक्टर की टीम को जांच में कोई कमी नहीं मिली। इसके बाद भी उससे रकम की मांग की गई।
इंकार करने पर उसे टीम के लोगों ने पीटा भी। इससे उसे गंभीर चोटें आईं। इसके बाद जांच टीम स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के 1800 रुपये व कुछ बीयर की बोतलें उठा ले गए। बाद में दुकान मालिक और आसपास के लोग उसे सीएचसी मेंहदावल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद पैर की हड्डी टूटने की आशंका जताते हुए चिकित्सक ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
आबकारी इंस्पेक्टर अमरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि क्षेत्र में चेकिंग करने निकले थे। उसी दौरान धर्मसिंहवा में स्थित बीयर की दुकान पर ओवररेटिंग की शिकायत मिली थी। टीम ने यहां पहुंचकर जांच की। जांच में ओवररेटिंग की शिकायत सही मिली। मौके पर डायल्यूशन का मामला भी मिला। बीयर की आठ बोतल में पानी भरा हुआ था, जिसे जांच को भेजने के लिए कब्जे में ले लिया गया।
मारने-पीटने, नकदी और बीयर की बोतल आदि ले जाने का आरोप निराधार है। कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे झूठे आरोप लगाए गए हैं। वहीं थानाध्यक्ष धर्मसिंहवा ब्रह्मा गौड़ ने बताया कि फोन से मामले की जानकारी मिली है। इस संबंध में तहरीर नहीं मिली है, तहरीर मिलने पर मामले को उच्चाधिकारियों को संज्ञान में लाते हुए जांच कर कार्रवाई की जाएगी ।