संतकबीरनगर। होली का पर्व नजदीक है, ऐसे में मिलावटखाेर काफी तेजी से सक्रिय हो गए हैं। मिलावटी पनीर-खोआ व अन्य खाद्य पदार्थ के साथ रंग बिरंगे चिप्स और पापड़ बाजार में पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही केमिकल युक्त रंग- गुलाल भी बिक रहे हैं। ऐसे में जो सतर्क नहीं रहे तो सेहत बिगड़ सकती है।
होली को लेकर बाजार सज गया है। बड़ी संख्या में लोग खरीदारी के लिए लोग आ रहे हैं। लजीज व्यंजन बनाने के लिए पनीर-खोआ और दूध की डिमांड बढ़ी है। ऐसे में मिलावट का कारोबार करने वाले भी सक्रिय हैं। पिछले दो दिनों में खाद्य विभाग और प्रशासन की छापे में 60 किलोग्राम खोआ, 14 क्विंटल दाल, 377 लीटर पैकेट बंद दूध बरामद किया गया है। इसके साथ ही खराब बिस्किट और एक क्विंटल छेना नष्ट कराया गया है। इसके बावजूद मिलावट का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है।
पिछले साल होली पर खाद्य विभाग ने दूध और दूध से बने पदार्थों के 28 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा था, इसमें से 10 अधोमानक पाए गए थे। एक सप्ताह में खाद्य विभाग ने छापे में खोआ और पनीर के 14 नमूने लिए हैं, इन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। होली के पर्व पर मिठाई व गुझिया बनाने के लिए खोआ की मांग बढ़ी है। कानपुरी खोआ 260 रुपये प्रति किलोग्राम और लाल खोआ 320 रुपये प्रति किलो के दर से बिक रहा है।
वहीं रंग बिरंगे चिप्स व पापड़ भी बिक रहे हैं। दो सप्ताह पहले खाद्य विभाग की टीम ने एक्सपायरी डेट का 30 किलो पापड़ को नष्ट कराया था। इसके साथ पाम ऑयल का सैंपल लिया गया था। खाद्य विभाग की रिपोर्ट बताती है कि रंगीन चिप्स के लाल रंग में मर्करी व हरे रंग में काॅपर रहता है। इसके सेवन से घातक बीमारी के चपेट में आ सकते हैं।
50 किलो रंगीन कचरी की गई सीज, छह सैंपल लिए
डीएम महेंद्र सिंह तंवर के निर्देश पर मंगलवार को सहायक आयुक्त खाद्य सतीश कुमार के निर्देशन में होली पर्व के दृष्टिगत शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य धनघटा तहसील के हैंसर बाजार से दो नमूने एक खोए का व एक रंगीन कचरी का लिया गया। महुली बाजार से तीन नमूने दो खोए के व एक पनीर व धनघटा से एक नमूना खाद्य तेल का संगृहीत किया गया। इस दौरान लगभग 50 किलोग्राम रंगीन कचरी सीज की गई, जिसका अनुमानित कीमत 25 सौ रुपये है। इस प्रकार छह सैंपल संगृहीत किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा हैं। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी। इस दौरान मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी बृजेश कुमार, मिश्रीलाल, सच्चिदानंद गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
कोट
होली के मद्देनजर लगातार छापे की जा रही है। जहां संदेह है वहां पर सामग्री नष्ट कराई जा रही है। होली पर सामग्री खरीदते समय लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।
-सतीश कुमार, सहायक आयुक्त खाद्य एवं औषधि प्रशासन
कोट
रंग बिरंगे चिप्स, पापड़ व मिलावटी खोआ व पनीर का इस्तेमाल सेहत बिगाड़ सकता है। इससे लीवर खराब होने तथा कैंसर जैसी बीमारी होने का खतरा रहता है। पिछले साल होली के बाद तमाम लोग पेट की बीमारी का इलाज कराने के लिए आए थे। ऐसे में सामान खरीदते समय सतर्कता बरतने की जरूरत है।
-डॉ. एसडी ओझा, फिजिशियन