भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सपा और कांग्रेस का गठबंधन नीतियों का नहीं बल्कि दो भ्रष्ट परिवारों का गठबंधन है। एक परिवार ने देश को लूटा तो दूसरे ने प्रदेश को लूटने का काम किया है। सीएम अखिलेश यादव व कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि एक से मां, दूसरे से पिता परेशान है और दोनों से पूरा प्रदेश परेशान है।
शुक्रवार को जूनियर हाईस्कूल खलीलाबाद में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ‘युवराज’ पूछते हैं कि केंद्र सरकार ने ढाई साल में क्या काम किया। हम तो 2019 के लोकसभा चुनाव में अपना हिसाब दे देंगे, लेकिन उन्हें बताना चाहिए कि साठ साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस ने घोटाले के सिवाय कौन सा काम किया। आकाश में अगस्ता हेलीकाप्टर घोटाला, टू-जी स्पेक्ट्रम घोटाला हुआ तो धरती पर कोयला समेत कई घोटाले हुए। कांग्रेस ने दस वर्ष तक मौन रहने वाला प्रधानमंत्री दिया, जिसकी आवाज सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सुनी। जबकि भाजपा ने बोलने वाला प्रधानमंत्री दिया, जिसको दुनिया सुनती है।
शाह ने कहा कि सीएम अखिलेश कहते हैं कि काम बोलता है। पर, सच यह है कि उनके ‘कारनामे’ बोलते हैं। प्रदेश हत्या और रेप के मामले में अव्वल है। थाने सपा कार्यालय बन गए हैं। केस दर्ज कराना है तो कोर्ट का सराहा लेना पड़ा। प्रदेश में 15 साल से बारी-बारी से सपा-बसपा की सरकार रही, इन दोनों ने प्रदेश को बर्बाद कर दिया। सड़क, पानी, स्वास्थ्य की सुविधाएं तक लोगों को नहीं मिली। 24 घंटे बिजली मिलते की बात सपना बन गई है। महिलाओं की सुरक्षा ताक पर है। किसानों के धान की खरीद ही नहीं हुई, ऐसी सरकार से निजात पाने का वक्त आ गया है। दो चरणों में हुए चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पश्चिम से शुरू हुई ‘हवा’ पूर्वांचल आते-आते सुनामी में बदलने वाली है। विकास की बात करते हुए उन्होंने वादा किया कि भाजपा की सरकार आई तो लघु व सीमांत किसानों का लोन माफ किया जाएगा। किसानों को फसली ऋण पर ब्याज नहीं देना होगा।
युवाओं को वन-जीबी नेट के साथ लैपटॉप देने का काम होगा। वर्ग तीन व चार की नौकरियां मेरिट के आधार पर दी जाएंगी। केंद्र में भाजपा की सरकार बेहतर काम कर रही है, जरूरत है कि यूपी में भी भाजपा की सरकार बने, ताकि यह प्रदेश की विकास की राह पकड़ सके। सभा को भाजपा प्रदेश सह प्रभारी रामेश्वर चौरसिया,सांसद शरद त्रिपाठी, दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे, श्रीराम चौहान, राकेश सिंह बघेल, अष्टभुजा शुक्ला, इंद्रजीत मिश्रा, राम ललित चौधरी, जगदंबा लाल श्रीवास्तव,अनिल देव आदि ने संबोधित किया।