संतकबीरनगर। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन ऊर्जा के क्षेत्र में निजीकरण के विरोध में खड़ा हो गया है। जनपद सचिव भानु प्रताप चौरसिया ने बताया कि निजीकरण से जूनियर इंजीनियर सहित सभी बिजलीकर्मियों के सेवा शर्तों पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
जनपद सचिव ने बताया कि संगठन ऊर्जा क्षेत्र में किसी भी प्रकार के निजीकरण को स्वीकार नहीं करेगा। निजीकरण की बजाय कारपोरेशन में सुधार के कार्यक्रम लागू किया जाना चाहिए। विभाग के अंदर सुधार कार्यक्रमों के द्वारा स्थितियां बदली जा सकती हैं। ऊर्जा प्रबंधन एवं विद्युत कर्मियों के संयुक्त प्रयास से विद्युत वितरण व्यवस्था वित्तीय रूप से एवं बेहतर उपभोक्ता सेवा सुनिश्चित करने में सक्षम है। निजीकरण की कार्रवाई विद्युत उपभोक्ता व आम जनमानस के हित में भी नहीं है। निजीकरण के विरोध में संगठन हर स्तर से आंदोलन के लिए बाध्य होगा।