मलोरना में पूर्वाचल संवाद कार्यक्रम में मौजूद अतिथि-स्रोत आयोजक
संतकबीरनगर। पूर्वांचल जनशक्ति फाउंडेशन के तत्वावधान में रविवार को मलोरना में निजी विद्यालय में पूर्वांचल संवाद कार्यक्रम हुआ। पूर्वांचल की स्वास्थ्य व्यवस्था : अवसर, चुनौतियां और संभावनाएं विषय पर चिकित्सा जगत के विशेषज्ञों ने विचार साझा किए। स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सामुदायिक सहभागिता पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया। बीआरडी मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर कुमार गगन गुप्ता ने अपने लगभग 25 वर्षों के चिकित्सकीय एवं प्रशासनिक अनुभव को साझा किया। अस्पताल प्रबंधन, संसाधनों की उपलब्धता, मेडिकल स्टाफ की भूमिका, इन्फ्रास्ट्रक्चर सुधार और प्रशासनिक पारदर्शिता की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावी नेतृत्व और सुनियोजित प्रशासन से सरकारी चिकित्सा संस्थानों की तस्वीर बदली जा सकती है।
एम्स गोरखपुर के प्रोफेसर डॉ. अनिल रमेश कोपरकर ने कहा कि किसी भी क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था की मजबूती प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, रोकथाम, टीकाकरण, पोषण, स्वच्छता और जागरूकता पर निर्भर करती है। उन्होंने ग्रामीण एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक सहभागिता को स्वास्थ्य सुधार का मूल आधार बताया। डॉ. पूनम गुप्ता ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी पर विस्तृत चर्चा करते हुए इसके प्रारंभिक लक्षण, समय पर पहचान, आधुनिक उपचार पद्धतियां और जागरूकता की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भय और भ्रांतियों से बाहर निकलकर यदि समय रहते जांच कराई जाए तो कैंसर भी नियंत्रित एवं उपचार योग्य रोग है। आभार ज्ञापन फाउंडेशन के वेद प्रकाश राय ने किया। इस अवसर पर डॉ. पंकज सिंह, हरिशंकर गुप्ता, आनंद मणि त्रिपाठी, अर्जुन राय, अनुज गुप्ता आदि मौजूद रहे।