सांसद के आर्दश गांव सांडे खुर्द गांव में बजबजाती नाली।
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सांसद आदर्श गांव सांडे खुर्द में दो करोड़ खर्च हो चुका है फिर भी गांव में विकास की दरकार है। विद्युतीकरण का कार्य अधूरा है और संपर्क मार्ग दुरुस्त नहीं हो पाया है। तमाम पात्रों को विधवा, वृद्घा पेंशन नहीं मिला है। पीने के शुद्ध पानी के लिए पंप हाउस का निर्माण चल रहा है। इसमें मानक के अनुरूप कार्य नहीं होने की बात गांव वाले बताए।
सांसद शरद त्रिपाठी ने करीब ढाई वर्ष पूर्व मेंहदावल विकास खंड के सांडे खुर्द गांव का चयन आदर्श गांव के रुप में करते हुए गोद लिया था। तभी से गांव वालों में विकास की आस जग गई थी। विकास के रुप में सांसद निधि से इंटरलाकिंग सड़क और प्राचीन शिव मंदिर परिसर और उसके आस-पास सुंदरीकरण कार्य हुआ है। मेंहदावल- करमैनी मार्ग से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक करीब सात सौ मीटर सीसी मार्ग का निर्माण भी हुआ हैं। मुख्य मार्ग से गांव तक आने वाली सड़क करीब नौ सौ मीटर सीसी रोड का निर्माण हुआ जो वर्तमान में पाइप लाइन बिछाने और गुणवत्ता विहीन कार्य के कारण ध्वस्त हो चुका हैं। इससे आवागमन में कठिनाई हो रही हैं। गांव के तीरथ का कहना हैं कि अब भी हास्पिटल से शिव मंदिर होते बनकसिया पिच रोड तक करीब 1500 मीटर आरसीसी मार्ग का निर्माण नही हो पाया हैं वही गांव के अंदर गलियां अब भी कच्ची हैं। जल निकासी की बेहतर व्यवस्था नहीं हो पाई हैं। आदर्श गांव के विकास का जो सपना गांव वालों ने देखा था, उसे जिम्मेदारों ने नहीं पूरा किया। ग्रामीण नागेंद्र सिंह, शैलेंद्र कुमार ने कहा कि आदर्श गांव बनाने के लिए सांसद की मौजूदगी में लगे चौपाल में सभी अधिकारी भी मौजूद थे। इसमें यह कहा गया था कि गांव की मुख्य सड़कों को आरसीसी और अंदर की सड़कों को इंटरलाकिंग, पोखरे का सुंदरीकरण, विधवा व वृद्धा पेंशन सहित सारी सुविधाएं इस गांव के लोगों को उपलब्ध कराते हुए आदर्श गांव बनाया जाएगा। सांसद की पहल पर मात्र कुछ ही काम हुए हैं जो विकास के लिए नाकाफी हैं। ग्रामीण सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि सांडे खुर्द के लोग लो वोल्टेज व पुराने विद्युत तारों के कारण परेशान हैं। अब भी गांव में अधूरा विद्युतीकरण, जर्जर तार व ट्रांसफार्मर की कमी झेल रहे हैं। जब कि सांसद के निर्देश पर अधिशासी अभियंता विद्युत इस गांव में आकर सर्वे भी करायें थे लेकिन अब तक बिजली की समस्या जस की तस बनी हुई हैं। ग्रामीण कमलेश सिंह का कहना है कि सांडे र्खुद में बन रहा पंप हाउस मानक विहीन हैं, शिकायत के बाद भी जल निगम के अधिकारी गुणवक्ता युक्त कार्य नही करा रहे है। गांव की सीमा पर बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन अब तक स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर नही किया गया, जिसकी वजह से मईला गांव में किराए के भवन में हास्पिटल चल रहा हैं। गांव के तमाम पात्रों को विधवा, वृद्घा पेंशन और आवास मिलने का इंतजार है। आदर्श गांव के नोडल अधिकारी एवं डीडीओ रमेशचंद्रा ने बताया कि सांडे खुर्द में दो करोड़ चार लाख रुपये विकास कार्य में खर्च हुआ है। वहां आंगनबाड़ी, पीएचसी, सीसीरोड, शौचालय, आवास, नि:शुल्क बोरिंग, मृदा परीक्षण, पशु टीकाकरण, पात्रों को विधवा, वृद्घा आदि पेंशन योजना का लाभ दिया गया है।