अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 और प्रीपेड मीटर लगाए जाने के विरोध में 26 नवंबर किसानों व उपभोक्ताओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर रविकांत ने बताया कि नौ दिसंबर 2021 को केंद्र सरकार और संयुक्त किसान मोर्चा के बीच बनी सहमति के बाद केंद्र सरकार ने संयुक्त किसान मोर्चा को लिखित दिया था कि किसानों, उपभोक्ताओं और स्टेक होल्डर्स को विश्वास में लिए बिना इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल नहीं लाया जाएगा। इस वायदे का उल्लंघन करते हुए उप्र में बिजली का निजीकरण किया जा रहा है और केंद्र सरकार एक बार पुनः इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 लेकर आ गई है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने कहा कि 26 नवंबर को व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। जिसमें पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय निरस्त करने, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 को वापस लेने तथा किसानों और उपभोक्ताओं के घरों पर जबरदस्ती प्रीपेड स्मार्ट मीटर न लगाने की मांग की जाएगी।
धरना में इंजीनियर वैष्णव, मुकेश गुप्ता, रामकरन, अमरनाथ , दिलीप सिंह , सुनील प्रजापति , सूरज प्रजापति , अशोक कुमार, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति , धीरेंद्र यादव, उमेश चौधरी, मनोज यादव , रमेश प्रजापति , अशोक कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, सत्येंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।