अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण और कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। बिजली कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि टोरेंट पावर कंपनी ने दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम से यह कहा है कि बिजली बिल राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलने वाली 25 प्रतिशत छूट की धनराशि पॉवर कारपोरेशन टोरेंट कंपनी को उपलब्ध कराएं, तब टोरेंट कंपनी बिजली बिल राहत योजना लागू करने को तैयार है, अन्यथा की स्थिति में टोरेंट पावर कंपनी इस छूट को अपने खाते से नहीं देगी। संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि यह बेहद गंभीर बात है और इससे निजी घरानों का उपभोक्ताओं के प्रति असहिष्णु दृष्टिकोण उजागर हो गया है। बिजली बिल राहत योजना को मानने से मना करने वाली टोरेंट पावर कंपनी का फ्रेंचाइजी करार उपभोक्ताओं के व्यापक हित में तत्काल निरस्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी मनोज यादव ने कहा कि निजी कंपनी का उपभोक्ताओं के प्रति यह रवैया देखते हुए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय उपभोक्ताओं के व्यापक हित में तत्काल निरस्त किया जाए।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, अशोक कुमार, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार मनीष मिश्रा, संजय यादव, रमेश प्रजापति, वीरेंद्र मौर्य, सत्येंद्र सिंह आदि कर्मी मौजूद रहे।