संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि वर्टिकल सिस्टम के नाम पर पदों को समाप्त कर बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने की साजिश हो रही है। इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वह मनमाने ढंग से पदों को समाप्त करने के मामले में तत्काल प्रभावी हस्तक्षेप करें, अन्यथा पावर कार्पोरेशन प्रबंधन उत्तर प्रदेश की बिजली व्यवस्था ध्वस्त कर देने पर आमादा है। उन्होंने बताया कि लेसा में 2055 नियमित पद और लगभग 6000 संविदा कर्मियों के पद मनमाने ढंग से समाप्त पर पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन प्रदेश की राजधानी की बिजली व्यवस्था पटरी से उतारने का काम कर रहा है। जिसका उपभोक्ता सेवा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। योगेंद्र चौहान ने कहा कि छंटनी के मामले में सबसे बड़ी मार संविदा कर्मियों पर पड़ रही है। संविदा कर्मियों के छह हजार से अधिक पद समाप्त किए जा रहे हैं।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र, दिलीप मौर्य, दिनेश शर्मा, हरिप्रसाद, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार, धीरेंद्र यादव, उमेश चौधरी, विवेकानंद नायक, संजय यादव, अशोक कुमार, रंजन कुमार आदि मौजूद रहे।