संतकबीरनगर। विद्युत निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को भी बिजली कर्मचारियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मचारियों ने उत्पीड़न को लेकर आक्रोश जताया और कहा कि उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग की।
धरने की अध्यक्षता करते हुए इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि धरना-प्रदर्शन प्रदेश के 42 जनपदों में किया गया है। इसके तहत अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया गया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न शुरू कर दिया गया है, इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर केएन शुक्ला ने कहा कि अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजेक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देकर निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रबंधन की निजी घरानों से मिली भगत है। उन्होंने कहा कि निजीकरण का फैसला कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। इसलिए इसे वापस लिया जाना चाहिए। इस दौरान इंजीनियर राजेश कुमार, लक्ष्मण मिश्र, केएल यादव, अभय सिंह, धनंजय सिंह, चंद्रभूषण, दिलीप सिंह, शैलेंद्र यादव, राघवेंद्र सिंह, पवन बारी, सुनील कुमार प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, दिलीप कुमार, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र, पुष्पेंद्र भारती आदि मौजूद रहे।