संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। विद्युत कर्मियों ने निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग किया।
धरना के दौरान इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि सरकार विद्युत व्यवस्था में सुधार का दावा कर रही है, लेकिन विद्युत निगमों के निजीकरण पर अड़ी हुई है। ऐसे में यह आंदोलन अनवरत चलता रहेगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने निजीकरण का राग छेड़ कर विगत चार महीनों से उत्तर प्रदेश के ऊर्जा निगमों में अनावश्यक तौर पर औद्योगिक अशांति का वातावरण बना रखा है। उन्होंने कहा कि निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त किया जाए और बिजली कर्मियों को पूरे मनोयोग के साथ श्रेष्ठतम प्रदर्शन करने के लिए कार्य करने दिया जाए।
इस दौरान धीरेंद्र यादव, नारायण चंद्र चौरसिया, संजय यादव, आशीष कुमार,दिलीप सिंह, राघवेंद्र, रामअचल यादव, पुष्पेंद्र भारती, भाष्कर पांडेय, दिनेश चन्द्र, विवेक पासवान, मनोज कुमार, विजय कुमार, हरीश चंद्र, उमेश चंद्र, लालचंद यादव आदि माैजूद रहे।