संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शनिवार को भी बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मियों ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए संयोजक मुकेश गुप्ता ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की बिजली व्यवस्था निजी घरानों को सौंपने के पहले सरकार को यह विचार करना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और आगरा में निजी कंपनी द्वारा किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति में किए जा रहे भेदभाव को देखते हुए प्रदेश के 42 जनपदों में बिजली के निजीकरण का निर्णय लेना उचित नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए की संघ के वार्ता कर जल्द से जल्द निजीकरण का फैसला वापस लेना चाहिए।