संतकबीरनगर। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में शनिवार को कर्मचारियों ने एसई कार्यालय पर धरना दिया। निगम अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नारेबाजी की और निजीकरण का विरोध जताया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसई को सौंपकर आक्रोश व्यक्त किया।
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले विरोध सभा में सभी कार्यालयों के बिजली कर्मी व अभियंता सम्मिलित हुए। संघर्ष समिति के सह संयोजक राजेश कुमार ने कहा कि निजीकरण से कर्मचारियों की सेवा शर्तें प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों के साथ ही सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव आम घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों और गरीब उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। ग्रेटर नोएडा में करार के अनुसार निजी कंपनी को अपना विद्युत उत्पादन गृह स्थापित करना था जो उसने आज तक नहीं किया। कंपनी किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली देने के बजाय ज्यादा रुचि औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र में बिजली देने में लेती है। संघर्ष समिति के संयोजक मनोज कुमार एवं मुकेश गुप्ता ने कहा कि आगरा और केस्को दोनों के निजीकरण का एग्रीमेंट एक ही दिन हुआ था।
आगरा टोरेंट कंपनी को दे दिया गया और केरको आज भी सरकारी क्षेत्र में है। आम सभा में आज बिजली कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि आम जनता के व्यापक हित में और कर्मचारियों के हित में बिजली का निजीकरण पूरी तरह अस्वीकार्य है और लोकतांत्रिक ढंग से इस निजीकरण को समाप्त करने के लिए सभी प्रयास किया जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारियों आशीष मिश्रा, सुनील प्रजापति, आशीष कन्नौजिया, धीरेंद्र नाथ, नारायन चंद्र चौरसिया, हिफ्जुर्रहमान अंसारी आदि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रति पूरा सम्मान व निष्ठा व्यक्त करते हुए समझौते को लागू कराने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करने की अपील की।