संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पितवार को भी बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि बिजली कर्मी ट्रेड यूनियन और किसान मोर्चा के साथ संयुक्त रूप से 23 दिसंबर को न्यूक्लियर बिल के विरोध में प्रदर्शन करेंगे।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति नेशनल कोऑर्डिनेशन कमिटी आफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स, केंद्रीय ट्रेड यूनियनों तथा संयुक्त किसान मोर्चा की आशंकाओं के अनुसार केंद्र सरकार ने लोकसभा में सस्टेनेबल हार्नेसिंग एंड एडवांसमेंट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया बिल 2025 पारित कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह बिल भारत की सावधानीपूर्वक निर्मित न्यूक्लियर सुरक्षा और जवाबदेही की संरचना को ध्वस्त कर देगा। ऊर्जा क्षेत्र को बड़े पैमाने पर निजी और विदेशी भागीदारी के लिए खोल देगा। संघर्ष समिति के पदाधिकारी सुनील प्रजापति ने कहा कि बिजली के निजीकरण और ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट बिल 2025 के खिलाफ हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
धरना में इंजीनियर मुकेश गुप्ता, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, दुर्गा प्रसाद, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, मनोज यादव आदि मौजूद रहे।