संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बुधवार को भी बिजली कर्मियों का आंदोलन जारी रहा। इस दौरान विद्युत कर्मियों ने अधिशाषी अभियंता कार्यालय पर धरना दिया और निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत कर्मियों ने अधिशासी अभियंता कार्यालय पहुंचकर धरना दिया। धरने को संबोधित करते हुए अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति के मामले में निजी क्षेत्र की विफलता को देखते हुए प्रदेश के 42 जनपदों में बिजली को निजीकरण निरस्त किया जाय।
संयोजक मुकेश गुप्ता ने कहा कि कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम की बिजली व्यवस्था निजी घरानों को सौंपने के पहले सरकार को यह विचार करना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा और आगरा में निजी कंपनी द्वारा भेदभाव को देखते हुए बिजली के निजीकरण का निर्णय कदापि उचित नहीं होगा।
इस अवसर पर मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, राजकुमार, लालचंद यादव, दिनेश चंद्र आदि मौजूद रहे।