संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। ऊर्जा निगमों में निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन के बाद धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने प्रबंधन पर उत्पीड़न का आरोप लगाया और कहा कि जब तक निजीकरण का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा आंदोलन चलता रहेगा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे इंजीनियर पंकज कुमार ने कहा कि निजीकरण का फैसला उपभोक्ताओं व कर्मियों के हित में नहीं है। इसके साथ ही उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी वेद प्रकाश ने कहा कि ऊर्जा मंत्री ने तीन दिसंबर 2022 और 19 मार्च 2023 को संघर्ष समिति के संयोजक सहित सभी शीर्ष पदाधिकारियों के साथ लिखित समझौता किया था, अब इससे मुकर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए। संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर अमित सिंह ने कहा समझौते का पालन किया जाए और उत्पीड़न की कार्रवाई बंद की जाए। जिन संविदा कर्मियों को हटाया गया है, उन्हें बहाल किया जाए।
इस दौरान इंजीनियर राजेश कुमार, केएन शुक्ला, मुकेश गुप्ता, दिलीप सिंह, राघवेंद्र सिंह, नमिता पटेल, सुनील कुमार प्रजापति, रंजन राज, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, सूरज प्रजापति, धीरेंद्र यादव, पुष्पेन्द्र भारती, प्रदुम्न आदि माैजूद रहे।
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आठ लोगों का बना आयुष्मान कार्ड
संतकबीरनगर। सीएचसी खलीलाबाद में मंगलवार को आठ लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया। अधीक्षक डॉ. वरूणेश दुबे ने बताया कि आयुष्मान कार्ड पर पांच लाख तक का बीमा है। बीमार व्यक्ति कही भी आयुष्मान कार्ड संचालित अस्पताल में इलाज करा सकता है। ऐसे में अधिक से अधिक लोग आयुष्मान कार्ड बनवा ले। इसमें 2011 की जनगणना के अनुसार कार्ड बनाया जा रहा है। संवाद