संतकबीरनगर। विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में सोमवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान निजीकरण की प्रक्रिया को वापस लेने की मांग की।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति दिलीप मौर्य ने कहाकि बिहार चुनाव संपन्न हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का टेंडर निकालने की जल्दी में है। इस बीच संघर्ष समिति ने घाटे के गलत आंकड़े देकर पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के तैयार किए गए आर एफ पी डॉक्यूमेंट को मंजूरी न देने की मुख्य सचिव से अपील की है।
उन्होंने कहा कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने निजीकरण के नाम पर ऊर्जा निगमों में पिछले एक साल से कार्य का वातावरण बिगाड़ रखा है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि निजीकरण का टेंडर निकला तो प्रदेश के समस्त ऊर्जा निगमों के तमाम बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता इसके विरोध में सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ कर देंगे जिसका सारा उत्तरदायित्व पॉवर कार्पोरेशन प्रबंधन का होगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने मुम्बई में हुई डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट के दौरान कुछ बड़े पत्रकारों से यह कहा है कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का आर एफ पी डॉक्यूमेंट पूरी तरह तैयार है और बिहार चुनाव के बाद इन निगमों के निजीकरण हेतु टेंडर प्रकाशित कर दिया जाएगा। बिहार के चुनाव संपन्न हो गए हैं। जानकारी मिली है कि अब पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन टेंडर प्रकाशित करने की जल्दी में है। इस दौरान सूरज प्रजापति, सुनील प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार, मनीष मिश्रा, धीरेंद्र नाथ यादव, चंद्र केश मौर्य, रंजन कुमार, वीरेंद्र मौर्य, सत्येंद्र सिंह, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, दिलीप सिंह आदि मौजूद रहे।