निजीकरण के विरोध में प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
संतकबीरनगर। बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सरकार से निजीकरण को वापस लेने की मांग की।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी मनीष मिश्रा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में निजीकरण की प्रक्रिया व्यापक रूप से चलाई जा रही है। जिसका बिजली कर्मी विगत 11 महीनों से जोरदार विरोध कर रहे हैं। अब इन घटनाक्रमों से देश के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर एकजुट होकर सामने आ गए हैं और वे निजीकरण का व्यापक विरोध करेंगे और राष्ट्रव्यापी आंदोलन किया जाएगा। जिसका निर्णय आगामी 3 नवंबर को मुम्बई में होने वाली नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की मीटिंग में लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुम्बई में 4 एवं 5 नवम्बर को हो रही डिस्ट्रीब्यूशन यूटिलिटी मीट 2025 का मुख्य एजेंडा विद्युत वितरण निगमों के सस्टेनेबिलिटी के लिए पीपीपी मॉडल है जिसका अर्थ निजीकरण ही है।
इस दौरान सच्चिदानंद मिश्रा, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, श्रवण प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, उमेश चौधरी, मनोज यादव, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, चंद्र केश मौर्य आदि मौजूद रहे।