संतकबीरनगर। विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संघर्ष समिति के प्रिंस गुप्ता ने कहा कि पॉवर कॉरपोरेशन ने 2017 से मानक की तुलना में 48 प्रतिशत तक संविदा कर्मी कम कर दिया है। इससे बिजली कर्मियों में गुस्सा है। भास्कर पांडेय ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन ने नगरीय एवं ग्रामीण बिजली उपकेंद्रों के लिए नियमित कर्मचारियों और संविदा कर्मियों की तैनाती का मानक वर्ष 2017 में तय किया था। इस संबंध में पॉवर कॉरपोरेशन ने 15 मई 2017 को आदेश जारी किया था। संघर्ष समिति ने बताया कि पॉवर कारपोरेशन ने इस आदेश में आज तक कोई संशोधन नहीं किया है और आज भी यही आदेश प्रभावी है। रमेश प्रजापति ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंधन ने मई 2017 के आदेशों की अवहेलना करते हुए बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी के आदेश जारी कर दिए हैं। अशोक कुमार ने चेतावनी दी है कि निजीकरण के नाम पर हजारों की तादाद में अत्यंत अल्प वेतन भोगी संविदा कर्मियों को हटाया जाना तत्काल बंद न किया गया तो बिजली कर्मी इस अन्याय के विरोध में आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, दिलीप सिंह, राघवेन्द्र सिंह, अमरनाथ, आर्यन कुमार, सदानंद शर्मा, श्रवण प्रजापति, धीरेंद्र यादव, उमेश चौधरी, मनोज यादव, अशोक कुमार आदि मौजूद रहे।