अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण व कर्मियों के उत्पीड़न के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने निजीकरण की प्रक्रिया पर सवाल उठाया और कहा कि यह कदम निजी घरानों को लाभ पहुंचाने की साजिश है। इसे निरस्त किया जाए।
विद्युत संघर्ष समिति के पदाधिकारी सूरज प्रजापति ने कहा है कि निजीकरण के पहले सरकार यह बताए कि स्टैंडर्ड बिडिंग डॉक्यूमेंट के अनुसार निजीकरण के बाद निजी घरानों को कितने वर्ष तक और कितनी आर्थिक मदद करेगी। संघर्ष समिति ने कहा कि जिन शर्तों पर निजीकरण किया जा रहा है वही शर्तें सरकारी विद्युत वितरण निगमों पर लागू कर दें तो सरकारी विद्युत वितरण निगमों का कायाकल्प हो जाएगा।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी रंजन कुमार ने कहा कि निजीकरण से उपभोक्ताओं और कर्मचारियों का हित प्रभावित होगा।
धरना में इंजीनियर राजेश कुमार, धनंजय सिंह, पंकज कुमार, अमित सिंह, मुकेश गुप्ता, दिलीप सिंह राघवेंद्र सिंह, सुनील प्रजापति, आशीष कुमार, धीरेंद्र यादव, पुष्पेंद्र भारती, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति आदि मौजूद रहे।