अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली कर्मी
संतकबीरनगर। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर शुक्रवार को प्रदर्शन किया। सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की मांग की।
संघर्ष समिति के वीरेंद्र मौर्य ने कहाकि कि आंदोलन को मिल रहे देशव्यापी समर्थन से उत्साहित उप्र के बिजली कर्मियों का निर्णय है कि किसानों और उपभोक्ताओं को साथ लेकर दूसरे वर्ष में भी आंदोलन को लगातार तब तक चलाया जाएगा, जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबन्धन झूठे आंकड़ों और दमन के बल पर प्रदेश के 42 जनपदों का निजीकरण करने पर आमादा है किन्तु सभी उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों के बावजूद प्रदेश के बिजली कर्मी उपभोक्ताओं को साथ लेकर विगत 366 दिन से सफलता पूर्वक आंदोलन चला रहे हैं।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी उमेश चौधरी ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन की ओर से दिए गए घाटे के झूठे आंकड़ों को विद्युत नियामक आयोग के अस्वीकृत करने के बाद इन्हीं झूठे आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया निजीकरण का आरएफपी डॉक्यूमेंट स्वतः अवैध हो जाता है।
संघर्ष समिति ने कहा कि इसी आधार पर विद्युत नियामक आयोग को इस आर एफ पी डॉक्यूमेंट को निरस्त कर देना चाहिए। सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसरिया, दिलीप मौर्य, आशीष कुमार, भास्कर पांडेय, विजय कुमार आदि मौजूद रहे।