संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में शुक्रवार को बिजली कर्मियों ने 128 वें दिन भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने मांग किया कि निजीकरण का फैसला वापस लिया जाए।
संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति इंजीनियर राजेश कुमार ने कहा कि बिजली निगमों का निजीकरण कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। सरकार इसके जरिए कर्मचारियों को हटाने की साजिश कर रही है। ऐसे में यह आंदोलन लगातार चलता रहेगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ में शक्ति भवन के सामने प्रदर्शन किया गया है।
संघर्ष समिति के मुकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी रिफॉर्म एक्ट 1999 और ट्रांसफर स्कीम 2000 के अंतर्गत बिजली कर्मियों को रियायती बिजली की सुविधा प्रदान की गई है। एक तरफा ढंग से मीटर लगाकर रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करना निजीकरण की दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहा कि जब राजस्व वसूली का लगातार अभियान चल रहा है, तब इस प्रकार का फैसला लिया जाना गलत है।
धरना में इंजीनियर मनोज कुमार, लक्ष्मण मिश्र, धीरेंद्र यादव, सुनील प्रजापति, नारायण चन्द्र चौरसिया, हिफजुर्रहमान अंसारी, संजय यादव, आशीष कुमार, दिलीप सिंह, राघवेंद्र, राजकुमार आदि माैजूद रहे।