स्मार्ट मीटर के आदेश की प्रतिया जलाते बिजली कर्मी-स्रोत बिजली निगम
- फोटो : बाघ की दहशत में कार्य कर रहे श्रमिक।
संतकबीरनगर। बिजली निगमों के निजीकरण के विरोध में मंगलवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके साथ ही जबरिया स्मार्ट मीटर लगाने के पॉवर कार्पोरेशन के आदेश की प्रतियां जलाई और धरना दिया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर फरमान अली ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन निजीकरण के नाम पर लगातार बिजली कर्मियों का उत्पीड़न कर रहा है। रियायती बिजली की सुविधा समाप्त करना एक शुरुआत है। पॉवर कॉरपोरेशन प्रबंधन बिजली कर्मियों की 24 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी के चलते बिजली कर्मियों का विशेष स्टेटस समाप्त करना चाहता है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का हर विभाग अपने कर्मचारियों को सुविधाएं देता है, लेकिन प्रबंधन कुछ भी देने को तैयार नहीं है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि रियायती बिजली की सुविधा छीनी जा रही है। अगला कदम बिजली कर्मियों को मिल रहे टाइम स्केल से छेड़छाड़ करने का है। इमरजेंसी ड्यूटी के कारण मिल रहे कई भत्तों को समाप्त करने की पॉवर कॉरपोरेशन की तैयारी है। इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, शैलेंद्र दूबे, दिलीप सिंह, अमरनाथ यादव, संतोष गुप्ता, आर्यन कुमार, अशोक कुमार, आशीष कुमार, श्रवण प्रजापति, नारायण चंद्र चौरसिया, सुनील प्रजापति आदि मौजूद रहे।