संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मियों ने बुधवार को भी अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने कहा कि निजीकरण कर्मचारियों व उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। इसे वापस लिया जाए।
धरना की अध्यक्षता इंजीनियर मुकेश गुप्ता ने कहा कि भीषण गर्मी में प्रबंधन अनावश्यक तौर पर बड़े पैमाने पर अभियंताओं का उत्पीड़न कर ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति फैला रहा है। जिससे बिजली कर्मचारियों में आक्रोश व्याप्त है।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारी इंजीनियर मनोज कुमार ने कहा कि बिजली कर्मचारी एवं अभियंता इस भीषण गर्मी में उपभोक्ता सेवाओं के प्रति संवेदनशील है। इसीलिए संघर्ष समिति की नोटिस में कहा गया है कि आंदोलन के कारण उपभोक्ता सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
ऐसे वातावरण में जब उपभोक्ता सेवाओं की प्राथमिकता सबसे ऊपर है, तब पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष घंटों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करके डांटने फटकारने में लगे हैं। इस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का बहिष्कार करने का निर्णय लिया था, जो पावर कार्पोरेशन प्रबंधन को सूचित कर दिया गया था।
इसके बावजूद पावर कार्पोरेशन प्रबंधन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के नाम पर 87 अभियंताओं को चार्ज शीट दी है और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक ने कई अभियंताओं को दंडित करने की दृष्टि से उनका स्थानांतरण कर दिया है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
धरना में इंजीनियर राजेश कुमार, लक्ष्मण मिश्र, केएन शुक्ला, केएल यादव, अभय सिंह, धनंजय सिंह, चंद्र भूषण, दिलीप सिंह, शैलेंद्र यादव, राघवेंद्र सिंह, सुनील कुमार प्रजापति, नारायण चंद्र, दिलीप कुमार, श्रवण प्रजापति आदि माैजूद रहे।