संतकबीरनगर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में दो करोड़ की लागत से स्वतंत्र फीडर का निर्माण कराया गया है। कारण यह है कि यहीं पर वैक्सीन स्टोर के साथ ही साथ ब्लड बैंक भी है, लेकिन यहां स्थापित स्वतंत्र फीडर बेकार हो गया है।
जिससे अस्पताल की व्यवस्था संचालित करने में काफी दिक्कतें आती हैं। मजबूरी में जनरेटर चलाना पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद में 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए वर्ष 2020 में स्वतंत्र फीडर स्थापित किया गया।
इस फीडर के स्थापना के बाद से ही बार-बार इसमें तकनीकी दिक्कत आती रही है। किसी तरह बिजली कर्मियों ने इसे चालू किया, लेकिन वर्तमान में यह फीडर बेकार पड़ा हुआ है। ऐसे में बिजली कटने पर मजबूरी में जेनरेटर चलाकर अस्पताल की व्यवस्था संचालित करनी पड़ रही है।
वैसे जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद को स्वतंत्र फीडर से जोड़ने के लिए एक साथ पहल हुई थी। इसके तहत जिला अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्वतंत्र फीडर स्थापित किए गए। प्रत्येक पर करीब दो करोड़ रुपये खर्च किए गए। वर्तमान में जिला अस्पताल का स्वतंत्र फीडर काम कर रहा है, लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खलीलाबाद का स्वतंत्र फीडर तकनीकी गड़बड़ी के चलते बेकार पड़ा हुआ है।
अस्पताल प्रशासन का दावा है कि कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों को अवगत कराया। इसके बाद ट्रांसफार्मर को बदल दिया और इसके स्थान पर दूसरा ट्रांसफार्मर लगाया गया, लेकिन कुछ दिनों फिर तकनीकी दिक्कत आ गई। इसके बाद अंडरग्राउंड तार लगाए गए, बावजूद इसके अब भी यह स्वतंत्र फीडर बेकार पड़ा हुआ है। स्वतंत्र फीडर में गड़बड़ी के चलते बिजली न रहने पर अस्पताल परिसर में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
खासकर रात्रि के समय बिजली गुल होने पर उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ती है। इसके साथ ही अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों व तीमारदारों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल परिसर में रहने वाले कर्मचारी संजय कुमार, सत्येंद्र कुमार आदि ने बताया कि यदि स्वतंत्र फीडर सही से काम करें तो 24 घंटे बिजली मिल सकती है। इससे मरीजों को भी लाभ होगा। फीडर खराब होने से बिजली कटने पर परेशानी झेलनी पड़ती है।