सेमरियावां। बिजली उपभोक्ताओं पर विद्युत वितरण निगम ने आर्थिक बोझ बढ़ा दिया है। प्रीपेड मीटरों की व्यवस्था की तर्ज पर विद्युत विभाग ने मीटरों में भार वृद्धि की प्रक्रिया शुरू करके एक बार फिर से उपभोक्ताओं की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बिना किसी मैसेज अथवा सूचना के अचानक एक किलो वाट के लोड बढ़ाए जाने से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है
कस्बा और देहात में बिना किसी सूचना या लिखित नोटिस के उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन की क्षमता में वृद्धि कर दी गई है। सेमरियावां ब्लाॅक के बिजली उपकेंद्र करमाखान के लगभग 2500 से ज्यादा उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल अचानक बढ़ गया है। ब्लाॅक के बिजली उपकेंद्र करमाखान के पांच फीडर जिसमें सेमरियावां, दरियाबाद, हटवा बाजार, महुआरी, केशवापुर शामिल हैं। इन पांचों फीडरों से लगभग 130 गांव मजरों में बिजली सप्लाई की जाती है। इन गांवों में बिजली सप्लाई समस्या ठीक करने के लिए 13 लाइनमैन की तैनाती की गई है
इस उपकेंद्र से करीब 23 हजार उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति की जा रही है। गुपचुप तरीके से विद्युत उपभोक्ताओं का फिक्स चार्ज बढ़ गया है, बल्कि एक किलोवाट की श्रेणी में आने वाले परिवारों को मिल रही सरकारी सब्सिडी भी एक झटके में ही स्वतः समाप्त हो गई है। बिजली कार्यालयों में सुनवाई न होने के कारण अब जनता का गुस्सा सोशल मीडिया पर यूपीपीसीएल और सरकार के खिलाफ बाहर आ रहा है।
विद्युत वितरण के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, निगम ने एक नया सॉफ्टवेयर आधारित सिस्टम लागू किया है। इसके तहत यदि कोई उपभोक्ता गर्मी के दिनों में या किसी कारणवश लगातार तीन महीने अपने स्वीकृत लोड से अधिक बिजली का उपभोग करता है तो सिस्टम उसे स्वत: चिह्नित कर लेता है। जबकि नियमानुसार लोड बढ़ाने से पहले निगम द्वारा उपभोक्ता को एक नोटिस जारी कर उसमें लोड बढ़वाने की अनुमति मांगनी चाहिए लेकिन बिना उपभोक्ताओं को सूचित किए सीधे सिस्टम में उनके कनेक्शन की क्षमता को अपग्रेड कर रहे हैं। उदाहरण बतौर जिन उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड पहले दो किलोवाट था उसे सीधे तीन या चार किलोवाट कर दिया गया है। वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कनेक्शन क्षमता वृद्धि उन उपभोक्ताओं की कराई जा रही है जिन्होंने उपकरणों की संख्या को बढ़ा दिया है।
.........................नियमानुसार हो प्रक्रिया
बिजली उपभोक्ता अधिकार नियम के तहत किसी भी उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन का लोड बढ़ाने से पहले उसे कारण बताओ नोटिस जारी करना होता है। जिले में बिजली विभाग इन नियमों का उल्लंघन करते हुए सीधे उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ डाल रहे हैं। शादाब अहमद, मेराज अहमद, खलीक अहमद आदि उपभोक्ताओं की मांग है कि विद्युत निगम को इस मनमानी पर तुरंत रोक लगानी चाहिए। उपभोक्ता सोशल मीडिया पर बिजली निगम के रवैये की आलोचना कर रहे हैं। उपभोक्ता अपने बढ़े हुए बिलों के स्क्रीनशॉट साझा कर रहे हैं।
.....................विद्युत नियामक आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार ही अधिकतम मांग के आधार पर लोड बढ़ाया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता का लोड लगातार तीन महीने स्वीकृत क्षमता से अधिक दर्ज होता है तो सिस्टम स्वतः उसे अपग्रेड करता है। इसके बाद एसडीओ के माध्यम से क्षमता वृद्धि को स्थाई किया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता को लगता है कि यह गलत हुआ है तो वह लिखित शिकायत दे सकते हैं जांच कराई जाएगी।
-इंद्रेश कुमार गुप्ता, अवर अभियंता, बिजली उपकेंद्र करमाखान