- शहर के मड़या मोहल्ले में बनना है नया विद्युत उपकेंद्र
- एसडीएम ने स्कूल प्रशासन से पक्ष रखने को कहा
- बिजली निगम की है जमीन, वहीं उपकेंद्र बनेगा : अधीक्षण अभियंता
संवाद न्यूज एजेंसी
संतकबीरनगर। शहर के मड़या मोहल्ले में बिजली निगम उपकेंद्र के निर्माण होने वाली जमीन पर स्टे न होने का दावा कर रहा है, जबकि स्कूल प्रशासन हाईकोर्ट के स्टे का कागज दिखा रहा है। दूसरी तरफ बिजली निगम के अधिकारी एसडीएम से स्कूल प्रबंधन को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाने की मांग की है। अब एसडीएम के पाले में गेंद चली गई है और पावर हाउस निर्माण का पेच फंस गया है।
मड़या मोहल्ले में बनने वाला नया बिजली उपकेंद्र जमीन विवाद के पेंच में उलझ गया है। स्कूल प्रबंधन पावर हाउस निर्माण के लिए चिह्नित जमीन को विद्यालय की जमीन बता रहा है। इस जमीन का मामला पहले से ही हाईकोर्ट पहुंचा हुआ था। नेहरु कृषक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रविंद्रनाथ चौरसिया के मुताबिक तो विद्यालय की जमीन को गलत तरीके से राजस्व विभाग ने बिजली निगम के नाम कर दिया था। इसका नोटिस तहसील प्रशासन की तरफ से नहीं मिला।
मामले की जानकारी होने के बाद एक पक्षीय आदेश के विरोध में हाईकोर्ट की शरण ली गई। जिसके बाद जमीन पर स्टे दे दिया गया और जवाब दाखिल करने के लिए जिला प्रशासन को नोटिस दिया गया। आज तक जवाब दाखिल नहीं हुआ। वहीं बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता रमेश सिंह का कहना है कि कोई भी स्टे सिर्फ छह माह के लिए मान्य होता है। इसके बाद खुद स्टे समाप्त माना जाता है। जमीन बिजली निगम की है और वहीं उपकेंद्र का निर्माण कराया जाएगा।
कोर्ट से संबंधित कागजात निकवाए जा रहे हैं। उसकी जांच की जाएगी। स्कूल प्रबंधन को बुधवार तक का समय दिया गया है। सही कागजात मिलने पर ही मामले में कुछ निर्णय लिया जाएगा।
- शैलेष कुमार दूबे, एसडीएम